मिर्जापुर में मां विंध्यवासिनी मंदिर परिसर में दो पुरोहितों के बीच मारपीट से मची अफरा तफरी
मिर्जापुर स्थित मां विंध्यवासिनी मंदिर परिसर में गुरुवार सुबह दर्शन कराने को लेकर दो पुरोहितों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला मारपीट तक पहुंच गया। घटना के दौरान मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच अफरा तफरी का माहौल बन गया। विवाद के बाद मामला थाने पहुंचा जहां पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत कराई और आपसी सहमति से समझौता करा दिया। हालांकि इस घटना ने मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की सक्रियता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
दर्शन कराने के दौरान शुरू हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार पुरोहित अजय दुबे किसी श्रद्धालु को गर्भगृह में दर्शन करा रहे थे। इसी दौरान दूसरे पुरोहित अमन गिरी से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। प्रारंभिक विवाद गर्भगृह के भीतर ही शुरू हुआ और दोनों जब बाहर निकले तो मामला और अधिक बढ़ गया। देखते ही देखते दोनों के बीच हाथापाई शुरू हो गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल बीच बचाव कर स्थिति को शांत कराने का प्रयास किया।
समर्थकों के पहुंचने पर फिर बढ़ा विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुरुआती विवाद शांत होने के कुछ समय बाद दोनों पक्षों के समर्थक भी मंदिर परिसर पहुंच गए। इसके बाद एक बार फिर दोनों पक्ष आमने सामने आ गए और मारपीट शुरू हो गई। आरोप है कि अमन गिरी की मंदिर परिसर से लेकर परिक्रमा पथ और मुख्य द्वार तक पिटाई की गई। इस दौरान मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं में अफरा तफरी मच गई और कुछ समय के लिए मंदिर की सामान्य व्यवस्था भी प्रभावित हुई।
पुलिस की मौजूदगी के बावजूद उठे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना के समय मंदिर परिसर में पुलिसकर्मी मौजूद थे लेकिन मारपीट की घटना को पूरी तरह रोकने में प्रभावी हस्तक्षेप नहीं हो सका। घटना के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा शुरू हो गई। धार्मिक स्थल होने के कारण यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल प्रशासन के लिए भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
थाने पहुंचा मामला फिर हुआ समझौता
मारपीट में घायल अमन गिरी ने थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत कराई। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने का निर्णय लिया और समझौता कर लिया। इसके बाद मामले में आगे की कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।
थानाध्यक्ष ने दी घटना की जानकारी
थानाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि दर्शन कराने के दौरान हटाने की बात को लेकर दोनों पुरोहितों के बीच विवाद हुआ था। उनके अनुसार अजय दुबे एक वीआईपी श्रद्धालु को दर्शन करा रहे थे। इसी दौरान अमन गिरी से कहासुनी हो गई और विवाद बढ़ गया। अमन गिरी ने तहरीर दी थी लेकिन बाद में दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से समझौता कर लिया।
पृष्ठभूमि
मां विंध्यवासिनी मंदिर उत्तर प्रदेश के प्रमुख शक्ति पीठों में शामिल है जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में देश और विदेश से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। धार्मिक आयोजनों और विशेष अवसरों पर यहां श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में मंदिर परिसर में अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। गुरुवार को हुई इस घटना ने एक बार फिर मंदिर परिसर में सुरक्षा प्रबंधन और व्यवस्था संचालन को लेकर चर्चा तेज कर दी है।
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