चंदौली में रक्षाबंधन पर पहुंचे असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य बहन से बंधवाई राखी
चंदौली। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य शुक्रवार को पीडीडीयू नगर पहुंचे। राज्यपाल अपने पारिवारिक परंपरा के अनुसार रविनगर स्थित अपनी बहन के घर पहुंचे और रक्षाबंधन का पर्व मनाया। बहन ने उन्हें राखी बांधी और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। राज्यपाल के आगमन की जानकारी मिलते ही स्थानीय स्तर पर भी लोगों में उत्सुकता दिखाई दी। राज्यपाल के काफिले के पहुंचने के दौरान पुलिस और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई।
रविनगर में सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य के पीडीडीयू नगर आगमन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। रविनगर क्षेत्र में जगह जगह पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। राज्यपाल के आवागमन वाले मार्ग पर सुरक्षा बलों की मौजूदगी रही और यातायात व्यवस्था को भी व्यवस्थित रखा गया। राज्यपाल के काफिले के पहुंचने और रवाना होने तक सुरक्षा कर्मी पूरी तरह मुस्तैद नजर आए। सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य राज्यपाल के कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना रहा।
राज्यपाल को दिया गया गार्ड ऑफ ऑनर
राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य के रविनगर पहुंचने पर सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। इसके बाद वह अपनी बहन के आवास पहुंचे। पारिवारिक माहौल में रक्षाबंधन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। राज्यपाल की बहन ने उन्हें रक्षा सूत्र बांधा। राज्यपाल ने भी बहन से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना। रक्षाबंधन के अवसर पर परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में भाई बहन के स्नेह और पारिवारिक रिश्ते का यह पर्व मनाया गया।
हर वर्ष बहन के घर पहुंचने की परंपरा
लक्ष्मण प्रसाद आचार्य के रक्षाबंधन पर पीडीडीयू नगर पहुंचने का सिलसिला नया नहीं है। प्राप्त जानकारी के अनुसार वह प्रत्येक वर्ष रक्षाबंधन के अवसर पर अपनी बहन के घर पहुंचकर राखी बंधवाते रहे हैं। वर्ष 2024 में भी वह पीडीडीयू नगर पहुंचे थे और अपनी बहन विंध्यवासिनी देवी से रक्षा सूत्र बंधवाया था। उस समय उन्होंने रक्षाबंधन को भाई बहन के पवित्र रिश्ते को मजबूत करने वाला पर्व बताया था। वर्ष 2025 में भी उनके रविनगर पथरा स्थित बहन के घर पहुंचने और राखी बंधवाने की जानकारी सामने आई थी। इससे स्पष्ट है कि व्यस्त संवैधानिक जिम्मेदारियों के बीच भी वह पारिवारिक परंपरा को महत्व देते हुए रक्षाबंधन के अवसर पर अपने परिवार के बीच पहुंचते हैं।
पीडीडीयू नगर से रहा है पुराना पारिवारिक जुड़ाव
पीडीडीयू नगर स्थित अपनी बहन के घर से उनका जुड़ाव बहुत ही पुराना है। यही कारण है कि रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक पर्व पर उनका यहां पहुंचना स्थानीय लोगों के लिए भी विशेष आकर्षण का विषय रहता है। राज्यपाल के आगमन के दौरान आसपास के लोगों में उन्हें देखने को लेकर उत्सुकता रही। हालांकि कार्यक्रम पूरी तरह पारिवारिक रहा और प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया।
असम के राज्यपाल के रूप में निभा रहे संवैधानिक जिम्मेदारी
लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने जुलाई 2024 में असम के राज्यपाल के रूप में पदभार ग्रहण किया था। राष्ट्रपति की ओर से जारी नियुक्ति संबंधी आधिकारिक जानकारी के अनुसार उन्हें सिक्किम के राज्यपाल पद से स्थानांतरित कर असम का राज्यपाल नियुक्त किया गया था और उस समय उन्हें मणिपुर के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया था। वर्ष 2026 में भी सरकारी और आधिकारिक स्रोतों में लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को असम के राज्यपाल के रूप में दर्ज किया गया है। मई और जून 2026 में असम की संवैधानिक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका भी दर्ज हुई है। इससे पहले वह सिक्किम के राज्यपाल के रूप में जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर प्रशासन की नजर
राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति के आगमन को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई। रविनगर और आसपास के क्षेत्र में पुलिसकर्मियों की तैनाती के साथ आवागमन वाले मार्गों पर भी निगरानी रखी गई। काफिले के गुजरने के दौरान यातायात को व्यवस्थित रखने की व्यवस्था की गई। राज्यपाल के कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो इसके लिए पुलिस और प्रशासनिक अमला सतर्क रहा। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद राज्यपाल अपने पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल हुए और रक्षाबंधन का पर्व मनाया।
स्थानीय लोगों में बनी रही उत्सुकता
राज्यपाल के पीडीडीयू नगर पहुंचने की खबर के बाद रविनगर क्षेत्र में स्थानीय लोगों में उत्सुकता बनी रही। राज्यपाल का काफिला जिस मार्ग से होकर बहन के घर पहुंचा वहां पुलिस बल की मौजूदगी दिखाई दी। संवैधानिक पद पर रहते हुए लक्ष्मण प्रसाद आचार्य का रक्षाबंधन के अवसर पर परिवार के बीच पहुंचना स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय रहा। प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था के बीच कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। रक्षाबंधन के अवसर पर राज्यपाल ने पारिवारिक रिश्ते और परंपरा को निभाते हुए अपनी बहन से राखी बंधवाई और इसके बाद निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार वहां से रवाना हुए।
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