चंदौली में नौकरी और मकान का झांसा देकर महिलाओं को बंधक बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश
चंदौली: पीडीडीयू नगर क्षेत्र में महिलाओं को नौकरी और मकान दिलाने का झांसा देकर कथित तौर पर बंधक बनाने तथा आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर धन उगाही करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मुगलसराय पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह के सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विजय कुमार गुप्ता उर्फ रॉकी, कृष्ण कुमार गुप्ता, विशम्भर विश्वकर्मा और अंजली गुप्ता के रूप में हुई है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आठ एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 72300 रुपये नकद, नौ एटीएम कार्ड, फर्जी और कूटरचित आधार कार्ड सहित कई पहचान पत्र, बैंक पासबुक और चेकबुक, पोर्टेबल वाईफाई डिवाइस तथा दो वाहन बरामद किए हैं।
दो महिलाओं की शिकायत के बाद सामने आया मामला
पुलिस के मुताबिक इस गिरोह के खिलाफ डायल 112 और शिकायत माध्यमों के जरिए महिलाओं को नौकरी और मकान का झांसा देकर फंसाने तथा बाद में ब्लैकमेल करने की शिकायतें सामने आ रही थीं। मामले में 27 अगस्त को दो महिलाओं ने मुगलसराय थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतों की जांच के दौरान पुलिस और साइबर सेल को गिरोह की गतिविधियों और आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद तकनीकी जांच और सर्विलांस के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।
रामनगर से मकान तक ले जाने का आरोप
पुलिस के अनुसार एक पीड़िता ने शिकायत में आरोप लगाया कि उसे नौकरी दिलाने के बहाने रामनगर चौराहे से डहिया क्षेत्र स्थित एक मकान में ले जाया गया। वहां उसे कथित तौर पर बंधक बनाकर डराया धमकाया गया और आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाए गए। आरोप है कि वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसके परिजनों से रुपये मंगवाए गए। पुलिस के मुताबिक पीड़िता से करीब 30 हजार रुपये मंगवाने के बाद भी आरोपियों ने उसे धमकाना जारी रखा। बाद में उसके मोबाइल और बैंक खाते के माध्यम से भी रकम लेने का आरोप है।
दूसरी शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि उसे ऑनलाइन मकान देखने के बहाने डहिया स्थित मकान पर बुलाया गया। वहां उसे बंधक बनाकर आपत्तिजनक वीडियो बनाने और उसे वायरल करने की धमकी दी गई। पुलिस के अनुसार महिला से पांच लाख रुपये की मांग की गई और उसके बैंक खाते से फोन पे के माध्यम से करीब 1 लाख 14 हजार रुपये ट्रांसफर कराए गए। पीड़िता किसी तरह वहां से निकलने में सफल हुई। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई।
महिला आरोपी खुद को सीबीआई अधिकारी बताती थी
पुलिस की जांच में गिरफ्तार महिला आरोपी अंजली गुप्ता की भी भूमिका सामने आई है। पुलिस के अनुसार अंजली गुप्ता महिलाओं को डराने और दबाव बनाने के लिए खुद को सीबीआई अधिकारी बताती थी। पुलिस का आरोप है कि फर्जी दस्तावेज और बैंक खातों के माध्यम से धन के लेनदेन में भी उसकी भूमिका थी। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और दस्तावेजों की तकनीकी जांच के जरिए गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और अन्य घटनाओं की जानकारी जुटाने में लगी है।
सरगना पर पहले ऑनलाइन एस्कॉर्ट सेवा से जुड़े होने का आरोप
पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी विजय कुमार गुप्ता उर्फ रॉकी की भूमिका गिरोह के सरगना के रूप में सामने आई है। पुलिस के अनुसार वह पहले ऑनलाइन एस्कॉर्ट सेवा से जुड़ा था। वर्ष 2023 में कथित धोखाधड़ी की एक घटना के बाद उसने साथियों के साथ मिलकर महिलाओं को निशाना बनाने की योजना बनाई। पुलिस के मुताबिक गिरोह में विशम्भर विश्वकर्मा महिलाओं को नौकरी या मकान दिलाने के बहाने बताए गए स्थान तक पहुंचाने का काम करता था। इसके बाद अन्य आरोपी महिलाओं को कथित तौर पर बंधक बनाकर वीडियो बनाते और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर धन की मांग करते थे।
पुलिस ने डहिया स्थित मकान में दबिश देकर चारों को पकड़ा
पुलिस के अनुसार मुखबिर से मिली सूचना और तकनीकी जांच के आधार पर मुगलसराय पुलिस तथा साइबर सेल की संयुक्त टीम ने डहिया बद्रीपुरम कॉलोनी स्थित मकान में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मौके से मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के अलावा नकदी, एटीएम कार्ड और विभिन्न पहचान संबंधी दस्तावेज बरामद किए। दोनों वाहनों को भी पुलिस ने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की है।
फर्जी दस्तावेज और बैंक संबंधी सामान बरामद
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से आठ एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 72300 रुपये नकद, नौ एटीएम कार्ड, पांच फर्जी या कूटरचित आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर पहचान पत्र, श्रम कार्ड और कोविड कार्ड सहित कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इसके अलावा विभिन्न बैंकों की पासबुक और चेकबुक, पोर्टेबल वाईफाई डिवाइस, टॉर्च किट, स्कूटी और मोटरसाइकिल भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है। बरामद सामग्री की जांच के आधार पर पुलिस गिरोह के कथित नेटवर्क और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है।
पुलिस की जांच जारी
मुगलसराय पुलिस और साइबर सेल की कार्रवाई के बाद अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने कितनी महिलाओं को अपने जाल में फंसाया था और उनसे कितनी रकम की वसूली की गई। पुलिस बरामद मोबाइल फोन और दस्तावेजों की जांच के साथ बैंक लेनदेन तथा डिजिटल गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस के अनुसार मामले में संबंधित धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तार आरोपियों पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और विवेचना पूरी होने के बाद ही होगी।
LATEST NEWS