गंगा में कूदकर जान देने जा रहे युवक की पीएसी जवानों ने बचाई जान
वाराणसी। राजघाट पर उस समय अफरा तफरी की स्थिति बन गई जब पारिवारिक कलह से परेशान एक युवक ने गंगा नदी में छलांग लगा दी। युवक देखते ही देखते गहरे पानी की ओर जाने लगा। घाट पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था की ड्यूटी में तैनात बाढ़ राहत दल के जवानों की नजर जैसे ही युवक पर पड़ी उन्होंने बिना समय गंवाए गंगा में छलांग लगा दी और युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जवानों की त्वरित कार्रवाई से युवक की जान बच गई।
गहरे पानी की ओर जा रहा था युवक
प्राप्त जानकारी के अनुसार निखिल सिंह किसी बात को लेकर मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह से परेशान था। इसी स्थिति में वह राजघाट पहुंचा और गंगा नदी में छलांग लगा दी। पानी में गिरने के बाद वह धीरे धीरे गहरे पानी की ओर जाने लगा। घाट पर मौजूद लोगों के बीच घटना को लेकर अफरा तफरी मच गई। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात 36 वी वाहिनी रामनगर पीएसी बी दल बाढ़ राहत दल के मुख्य आरक्षी अनिल सिंह आरक्षी कमलेश यादव और आरक्षी आशीष राम की नजर युवक पर पड़ी।
युवक को डूबते देख तीनों जवानों ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना गंगा में छलांग लगाई और युवक को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की। जवानों की तत्परता के कारण युवक को समय रहते गहरे पानी से बाहर निकाला जा सका। घटना के बाद घाट पर मौजूद लोगों ने भी राहत की सांस ली।
पत्नी को दी गई घटना की सूचना
युवक को गंगा से सुरक्षित बाहर निकालने के बाद पुलिसकर्मियों ने उसके परिजनों से संपर्क करने की कोशिश की। इसके बाद उसकी पत्नी को फोन कर घटना की जानकारी दी गई और मौके पर बुलाया गया। हालांकि मानसिक तनाव की स्थिति में निखिल अपनी पत्नी के साथ जाने को तैयार नहीं हो रहा था। वह लगातार जिद पर अड़ा हुआ था। ऐसी स्थिति में मौके पर मौजूद ड्यूटी कर्मियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना आदमपुर के एसएचओ को इसकी सूचना दी।
एसएचओ आदमपुर ने मौके पर पहुंचकर संभाली स्थिति
सूचना मिलने के बाद एसएचओ आदमपुर तत्काल राजघाट पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। पुलिस अधिकारियों ने युवक से बातचीत की और उसे समझाने का प्रयास किया। स्थिति को संभालने के बाद पुलिस युवक को सुरक्षित रूप से अपने साथ थाने ले गई। वहां युवक से संबंधित आवश्यक विधिक कार्रवाई के साथ पारिवारिक स्तर पर आवश्यक परामर्श की प्रक्रिया की जा रही है।
बाढ़ राहत दल के जवानों की तत्परता की सराहना
राजघाट पर हुई इस घटना में मुख्य आरक्षी अनिल सिंह आरक्षी कमलेश यादव और आरक्षी आशीष राम की भूमिका महत्वपूर्ण रही। युवक को गंगा में छलांग लगाते और गहरे पानी की ओर जाते देख जवानों ने तत्काल जोखिम उठाकर उसे बचाने का प्रयास किया। उनकी त्वरित कार्रवाई के कारण युवक को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। जवानों की इस तत्परता और कर्तव्यनिष्ठा की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है।
राजघाट जैसे संवेदनशील घाटों पर बाढ़ राहत दल और पुलिसकर्मियों की मौजूदगी का उद्देश्य आपात परिस्थितियों में तत्काल सहायता उपलब्ध कराना भी है। इस घटना में ड्यूटी पर तैनात जवानों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई इसका उदाहरण बनी। युवक को सुरक्षित बचाए जाने के बाद पुलिस ने मामले को आगे की आवश्यक कार्रवाई और पारिवारिक परामर्श के लिए अपने स्तर से संभाला।
परिवार और समाज की भूमिका भी महत्वपूर्ण
पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव की स्थिति में व्यक्ति कई बार बेहद कठिन कदम उठाने का प्रयास कर सकता है। ऐसे समय में परिवार के सदस्यों और आसपास मौजूद लोगों की सतर्कता महत्वपूर्ण होती है। राजघाट की इस घटना में पुलिस और पीएसी के जवानों की तत्काल सक्रियता ने एक युवक की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। पुलिस की ओर से युवक को सुरक्षित थाने ले जाकर आगे की आवश्यक प्रक्रिया की जा रही है।
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