चंदौली में भैंस चोर गिरोह का भंडाफोड़, आठ गिरफ्तार, पिकअप से भैंस लादते समय पुलिस ने दबोचा
चंदौली। जिले के ग्रामीण इलाकों में लगातार सामने आ रही मवेशी चोरी की घटनाओं के बीच अलीनगर पुलिस और सर्विलांस टीम को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने भैंस चोरी करने वाले सक्रिय गिरोह का खुलासा करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी चोरी की भैंस को पिकअप वाहन में लादकर बिहार ले जाने की तैयारी में थे। इसी दौरान रेवसा स्थित रेलवे ब्रिज के नीचे पुलिस टीम ने घेराबंदी कर सभी आरोपियों को पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक चोरी की भैंस, पिकअप वाहन, नकदी और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
रेवसा रेलवे ब्रिज के नीचे चोरी की भैंस लाद रहे थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक पिछले कुछ महीनों से चंदौली जिले के अलग अलग थाना क्षेत्रों में भैंस और अन्य मवेशियों की चोरी की शिकायतें सामने आ रही थीं। घटनाओं को रोकने और चोरी करने वाले गिरोह का पता लगाने के लिए थाना पुलिस के साथ स्वाट और सर्विलांस टीम को लगाया गया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई। इसी क्रम में पुलिस टीम को सक्रिय मवेशी चोर गिरोह के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले।
पुलिस के अनुसार आठ सितंबर 2026 को अलीनगर प्रभारी निरीक्षक गगनराज सिंह और प्रभारी सर्विलांस सेल उपनिरीक्षक आशीष मिश्रा के नेतृत्व में टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग रेवसा रेलवे ब्रिज के नीचे चोरी की भैंस को पिकअप वाहन में लाद रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी शुरू कर दी। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद आरोपियों में अफरा तफरी मच गई।
पुलिस टीम पर पिकअप चढ़ाने की कोशिश का आरोप
पुलिस के अनुसार टीम को देखकर आरोपियों ने पिकअप चालक से वाहन पुलिसकर्मियों की तरफ तेजी से बढ़ाने को कहा। इसके बाद चालक ने पिकअप पुलिस टीम की ओर दौड़ा दिया। अचानक वाहन अपनी ओर आता देखकर पुलिसकर्मियों को पीछे हटकर अपनी जान बचानी पड़ी। इसी दौरान अनियंत्रित पिकअप रेलवे ब्रिज के एक पिलर से टकरा गई। वाहन के रुकते ही पुलिस टीम ने चालक सहित मौके पर मौजूद सभी आठ आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने वाहन की तलाशी लेने के साथ ही मौके से चोरी की भैंस भी बरामद की।
आठ आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो याकूब निवासी जैतपुरा वाराणसी, विजय चौहान उर्फ रिंकू निवासी सकलडीहा चंदौली, आनंद मौर्य निवासी सलालपुर सारनाथ वाराणसी, ओम प्रकाश नट निवासी कैमूर बिहार, सटरु हुसैन निवासी चंदौली, नितेश कुमार निवासी कैमूर बिहार, अखिलेश नट निवासी बक्सर बिहार और विनोद नट निवासी कैमूर बिहार के रूप में हुई है। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के दूसरे सदस्यों और मवेशी चोरी से जुड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है।
भैंस, पिकअप, नकदी और छह मोबाइल बरामद
अलीनगर पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक चोरी की भैंस बरामद की है। इसके अलावा पिकअप वाहन संख्या UP61T3510, 23700 रुपये नकद और छह मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। इस मामले में अलीनगर थाने में बीएनएस की धारा 109 1 और 317 2 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। बरामद मोबाइल फोन और अन्य सामान की भी जांच की जा रही है, ताकि गिरोह के सदस्यों के बीच संपर्क और चोरी की घटनाओं से जुड़े अन्य तथ्यों का पता लगाया जा सके।
गांवों में रेकी के बाद सुनसान जगह से करते थे चोरी
पुलिस की पूछताछ में गिरोह के काम करने के तरीके से जुड़ी जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक गिरोह के सदस्य दिन और रात के समय गांवों में घूमकर मवेशियों की रेकी करते थे। ऐसे स्थानों और भैंसों को चिन्हित किया जाता था जिन्हें चोरी करना अपेक्षाकृत आसान हो। इसके बाद सुनसान और अंधेरी जगह का फायदा उठाकर मवेशियों को चोरी किया जाता था। चोरी के बाद भैंसों को पिकअप वाहन में लादकर बिहार ले जाया जाता था, जहां उन्हें बेचने की बात पुलिस जांच में सामने आई है।
छह थाना क्षेत्रों में चोरी की घटनाओं का खुलासा
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने अलीनगर, सकलडीहा, चंदौली, सैयदराजा, चकिया और इलिया थाना क्षेत्रों में मवेशी चोरी की कई घटनाओं में शामिल होने की जानकारी दी है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर आधा दर्जन से अधिक मवेशी चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आए मामलों का सत्यापन संबंधित थाना क्षेत्रों से किया जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने अब तक कितने मवेशियों को चोरी किया और उन्हें कहां कहां बेचा गया।
चकिया और इलिया की घटनाओं की भी जानकारी सामने आई
पूछताछ में आरोपी विजय चौहान उर्फ रिंकू ने चकिया थाना क्षेत्र के भटपुरवा गांव से जून महीने में दो भैंस चोरी करने की बात बताई है। इसके अलावा जुलाई में लठिया गांव से दो भैंस और एक पड़िया चोरी किए जाने की जानकारी पुलिस को दी गई है। पुलिस के अनुसार इलिया थाना क्षेत्र से मई महीने में एक भैंस तथा जुलाई में अलग अलग स्थानों से दो भैंस और एक पड़िया चोरी करने की बात भी पूछताछ में सामने आई है। पुलिस इन घटनाओं से जुड़े तथ्यों का सत्यापन कर रही है।
तीन अन्य साथियों के नाम भी सामने आए
पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान आरोपियों ने रेवसा के पास से बरामद भैंस को अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी करने की जानकारी दी। आरोपियों ने अपने तीन अन्य साथियों के नाम बन्नी, गुड्डू और साहेब बताए हैं। पुलिस अब इन तीनों की तलाश में जुटी है। इसके साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चोरी के बाद मवेशियों को बिहार में किन लोगों के माध्यम से बेचा जाता था।
गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों के पुराने आपराधिक मामलों की भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस के मुताबिक विजय चौहान उर्फ रिंकू के खिलाफ चकिया, शहाबगंज, सकलडीहा और इलिया थानों में कई मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है। वहीं सटरु हुसैन के खिलाफ गोवध निवारण और पशु क्रूरता अधिनियम से संबंधित पूर्व मामला दर्ज होने की बात भी सामने आई है। पुलिस अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
बिहार में बिक्री के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
अलीनगर पुलिस और सर्विलांस टीम की कार्रवाई के बाद अब जांच का दायरा गिरोह के अन्य सदस्यों और उसके नेटवर्क तक बढ़ाया जा रहा है। पुलिस चोरी किए गए मवेशियों की संख्या, घटनाओं में इस्तेमाल किए जाने वाले वाहनों, आरोपियों के संपर्क में रहने वाले लोगों और बिहार में मवेशियों की बिक्री से जुड़े संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। चंदौली में मवेशी चोरी की घटनाओं को लेकर हुई इस कार्रवाई से कई पुराने मामलों की कड़ियां जुड़ने की संभावना है। हालांकि प्रत्येक घटना में आरोपियों की भूमिका का अंतिम निर्धारण पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही किया जाएगा।
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