जूतिया पूजा से पहले रामनगर के बलुआ घाट पर बदइंतजामी का आरोप
वाराणसी: रामनगर स्थित बलुआ घाट पर जूतिया पूजा से पहले सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पितृ पक्ष के बीच आज शाम जूतिया पूजा के लिए घाट पर बड़ी संख्या में महिलाओं और अन्य श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में स्थानीय लोगों और पार्षद रामकुमार यादव की ओर से घाट की सीढ़ियों की सफाई व्यवस्था को लेकर शिकायत सामने आई है। उनका कहना है कि सीढ़ियों पर पर्याप्त सफाई नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और फिसलने तथा गिरने की स्थिति बन रही है।
पार्षद ने जेई से संपर्क का किया दावा
स्थानीय पार्षद रामकुमार यादव ने घाट की स्थिति को लेकर नगर निगम प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है। पार्षद के अनुसार उन्होंने संबंधित जेई विनय चौधरी से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनके मुताबिक फोन कॉल रिसीव नहीं हुआ। पार्षद ने धार्मिक पर्व को देखते हुए बलुआ घाट पर तत्काल सफाई और आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था कराने की मांग की है। जेई की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आज शाम जूतिया पूजा के लिए जुटेंगी महिलाएं
जूतिया पूजा के अवसर पर महिलाएं परंपरागत रूप से घाटों पर पहुंचकर पूजा अर्चना करती हैं। बलुआ घाट पर भी आज शाम श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की संभावना है। ऐसे में घाट की सीढ़ियों पर गंदगी, फिसलन या अन्य अव्यवस्था श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन सकती है। खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की आवाजाही को देखते हुए घाट पर साफ सीढ़ियां, सुरक्षित आवागमन और पर्याप्त व्यवस्था की जरूरत है।
पितृ पक्ष में भी घाट पर श्रद्धालुओं की आवाजाही
वर्तमान में पितृ पक्ष चल रहा है और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए घाटों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। ऐसे समय में घाट की साफ सफाई और बुनियादी सुविधाओं को लेकर शिकायत सामने आने से स्थानीय स्तर पर व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक पर्व और विशेष पूजा के अवसर पर घाटों की सफाई और सुरक्षा व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
रामनगर में नागरिक सुविधाओं को लेकर भी उठ रहे सवाल
रामनगर को नगर निगम क्षेत्र में शामिल किए जाने के बाद स्थानीय लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाओं की उम्मीद है। इसी क्रम में घाटों की सफाई व्यवस्था भी नगर निगम की जिम्मेदारी से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों की ओर से रामनगर के साथ सौतेले व्यवहार का आरोप लगाया जा रहा है। हालांकि इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और नगर निगम प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है। इसलिए इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष नगर निगम के पक्ष और उपलब्ध आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही निकाला जा सकता है।
सवाल सफाई के साथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा का भी
बलुआ घाट पर आज शाम श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सबसे महत्वपूर्ण सवाल सुरक्षा और साफ सफाई का है। यदि घाट की सीढ़ियों पर गंदगी या फिसलन है तो वहां तत्काल सफाई कराना जरूरी है। साथ ही भीड़ के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक व्यवस्था किए जाने की जरूरत है। किसी अप्रिय घटना के बाद कार्रवाई करने के बजाय पर्व से पहले ही संभावित जोखिमों को दूर करना प्रशासन के लिए अधिक प्रभावी कदम होगा।
नगर निगम प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग
स्थानीय पार्षद और लोगों की शिकायत के बाद अब नगर निगम प्रशासन के स्तर से बलुआ घाट का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का जायजा लेना महत्वपूर्ण होगा। घाट की सफाई, सीढ़ियों की स्थिति, फिसलन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही संबंधित अधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों की शिकायतों पर समय से संज्ञान लें, ताकि धार्मिक आयोजनों के दौरान व्यवस्था प्रभावित न हो।
न्यूज रिपोर्ट की अपील
धार्मिक आस्था से जुड़े जूतिया पूजा जैसे पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। न्यूज रिपोर्ट प्रशासन से अपील करता है कि बलुआ घाट की शिकायत का तत्काल संज्ञान लेकर मौके का निरीक्षण कराया जाए और यदि सफाई या सुरक्षा व्यवस्था में कमी पाई जाती है तो उसे समय रहते दुरुस्त कराया जाए। साथ ही श्रद्धालुओं से भी अपील है कि घाट पर सावधानी से आवागमन करें और किसी भी असुरक्षित स्थान की जानकारी संबंधित प्रशासन या स्थानीय जनप्रतिनिधि को दें।
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