मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी के मामले में जांच एजेंसियों को अहम सफलता मिलने की खबर है। सोमवार को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, तीनों को ट्रेन में सफर करते समय पकड़ा गया। गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ की जा रही है, ताकि रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में हुई फायरिंग की घटना, हमले के पीछे की वजह और कथित साजिश में शामिल अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। इस मामले में मुंबई पुलिस की जांच जारी है और आरोपियों की भूमिका को लेकर आधिकारिक रूप से सामने आने वाले तथ्यों का इंतजार है।
कोटा में ट्रेन के जनरल कोच से पकड़े जाने की जानकारी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गोलीबारी के बाद संदिग्ध मुंबई से बाहर निकलने के लिए ट्रेन में सवार हुए थे। बताया जा रहा है कि पुलिस से बचने के प्रयास में उन्होंने रेल मार्ग से दूसरे राज्य की ओर जाने की कोशिश की। इसी दौरान राजस्थान पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियों की कार्रवाई में उन्हें कोटा रेलवे स्टेशन पर पकड़ा गया। कुछ रिपोर्टों में बताया गया है कि तीनों ट्रेन संख्या 12939 के जनरल कोच में सफर कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ की जा रही है। जांचकर्ता यह पता लगाने में जुटे हैं कि वारदात के बाद उनकी गतिविधियां कहां-कहां रहीं और क्या उन्हें भागने में किसी अन्य व्यक्ति की मदद मिली थी।
आरोपियों की पहचान को लेकर सामने आए नाम
मीडिया रिपोर्टों में गिरफ्तार संदिग्धों के नाम ऋतिक कुमार उर्फ रोशन, फूल सिंह और रेहान बताए गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, ऋतिक कुमार मुंबई में रैपिडो चालक के तौर पर काम करता था, जबकि फूल सिंह और रेहान के हरियाणा से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। रेहान की उम्र 17 वर्ष बताई जा रही है। हालांकि, आरोपियों के नाम, उम्र, पते और गोलीबारी में उनकी वास्तविक भूमिका की पुष्टि पुलिस के आधिकारिक बयान तथा जांच रिकॉर्ड के आधार पर ही की जानी चाहिए। शुरुआती रिपोर्टों में दो संदिग्धों को कथित शूटर और तीसरे को घटना से जुड़ा व्यक्ति बताया गया है। पूछताछ के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किस आरोपी की क्या भूमिका थी और क्या घटना को अंजाम देने के लिए उन्हें किसी ने नियुक्त किया था।
हमले से पहले टाइगर श्रॉफ की रेकी किए जाने का संदेह
जांच एजेंसियों को संदेह है कि हमलावरों ने घटना से पहले अभिनेता की गतिविधियों पर नजर रखी थी। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि टाइगर श्रॉफ रविवार को जुहू स्थित फुटबॉल ग्राउंड आते थे और हमलावरों को उनकी इस दिनचर्या की जानकारी थी। बताया जा रहा है कि अभिनेता के मैदान से निकलने के समय उनकी कार को निशाना बनाया गया। पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है कि क्या हमले से पहले इलाके की रेकी की गई थी, वारदात के लिए समय कैसे चुना गया और हमलावरों को अभिनेता की गतिविधियों की जानकारी किस माध्यम से मिली। फिलहाल रेकी और हमले की योजना से जुड़ी बातें जांच के दायरे में हैं।
फायरिंग के बाद बाइक छोड़कर ट्रेन से भागने की कोशिश
घटना के बाद हमलावरों के भागने के तरीके को लेकर भी कई जानकारियां सामने आई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, गोलीबारी के बाद संदिग्ध SV रोड की दिशा में आगे बढ़े और विले पार्ले तथा अंधेरी इलाके की ओर गए। इसके बाद अंधेरी पश्चिम रेलवे स्टेशन के पास कथित तौर पर वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल छोड़ दी गई। बताया गया कि आरोपी वहां से ट्रेन में सवार होकर आगे निकल गए। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की थी और सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों की मदद से संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया। कोटा से गिरफ्तारी की खबर के बाद अब जांच का एक अहम हिस्सा आरोपियों के बयानों और अन्य साक्ष्यों का मिलान करना होगा।
18 अक्टूबर की शाम जुहू में हुई थी गोलीबारी
आपको बताते चले कि, यह घटना रविवार, 18 अक्टूबर 2026 की शाम मुंबई के जुहू इलाके में हुई थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलने के बाद अपनी कार से निकल रहे थे, तभी मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने वाहन पर गोलीबारी की। अभिनेता गोली लगने से सुरक्षित रहे, लेकिन उनके चालक को चोट आई। घटना के दौरान वहां मौजूद एक अन्य व्यक्ति के भी गोली लगने से घायल होने की खबर सामने आई थी। गोलीबारी के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मुंबई पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और हमलावरों की पहचान तथा उनकी तलाश के लिए कई टीमों को लगाया।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से सामने आई पोस्ट की भी जांच
गोलीबारी के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आने की खबर भी है, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का दावा करते हुए घटना की जिम्मेदारी लेने की बात कही गई। हालांकि, ऐसी पोस्ट की प्रामाणिकता और हमले से उसके वास्तविक संबंध की पुष्टि पुलिस की जांच के बाद ही हो सकती है। किसी सोशल मीडिया पोस्ट में जिम्मेदारी लेने का दावा अपने आप में यह साबित नहीं करता कि घटना उसी गिरोह ने कराई है। जांच एजेंसियां इस पहलू सहित हमले के पीछे संभावित कारणों, धमकी से जुड़े दावों और संदिग्धों के कथित संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं।
एकनाथ शिंदे ने टाइगर श्रॉफ से की मुलाकात
घटना के बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने टाइगर श्रॉफ से मुलाकात की और परिवार को सरकार की ओर से सहयोग का भरोसा दिलाया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने मामले में सख्त कार्रवाई किए जाने की बात कही। घटना ने सार्वजनिक हस्तियों की सुरक्षा और मुंबई में कानून-व्यवस्था से जुड़े सवालों को भी चर्चा में ला दिया है। पुलिस की प्राथमिकता हमले में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करना, घटना के पीछे की वजह का पता लगाना और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई करना है।
पूछताछ से साजिश और हमले के मकसद पर खुल सकता है राज
कोटा से तीन संदिग्धों की गिरफ्तारी की खबर के बाद अब जांच में कई सवाल अहम होंगे। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि हथियार कहां से आए, हमले की योजना किसने बनाई, क्या आरोपियों को किसी ने निर्देश दिए थे और वारदात के बाद भागने की व्यवस्था पहले से तय थी या नहीं। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज, बरामद मोटरसाइकिल, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और पूछताछ में सामने आने वाली जानकारियों का मिलान किया जाएगा। मामले में किसी गिरोह की भूमिका या किसी व्यक्ति के शामिल होने की पुष्टि ठोस साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी। फिलहाल जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।
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