नासिक में महिला पुलिस अधिकारियों का अंडरकवर ऑपरेशन, TCS में यौन उत्पीड़न का बड़ा खुलासा
महाराष्ट्र के नासिक में एक मल्टी-नेशनल कंपनी में कथित यौन उत्पीड़न के गंभीर मामले का खुलासा हुआ है। इस मामले का पर्दाफाश सात महिला पुलिस अधिकारियों की एक विशेष टीम ने किया, जिन्होंने करीब 40 दिनों तक अपनी पहचान छिपाकर कंपनी में काम किया और आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ने में सफलता हासिल की।
40 दिनों तक अंडरकवर रहकर जुटाए सबूत
जानकारी के अनुसार, महिला पुलिस अधिकारियों ने गुप्त रूप से कंपनी में कर्मचारियों के रूप में काम शुरू किया। इस दौरान उन्होंने आरोपियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी और सबूत जुटाए। बताया जा रहा है कि फरवरी से शुरू हुए इस ऑपरेशन में करीब 40 दिनों तक निगरानी की गई, जिसके बाद मुख्य आरोपी को महिला कर्मचारियों के साथ गलत व्यवहार करते हुए पकड़ा गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह पूरा ऑपरेशन नासिक पुलिस कमिश्नर संदीप कार्णिक के निर्देशन में चलाया गया। इस दौरान हर पहलू पर बारीकी से नजर रखी गई ताकि आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाए जा सकें।
महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार के आरोप
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी में मीटिंग्स के दौरान महिला कर्मचारियों के साथ अनुचित व्यवहार किया जाता था। साथ ही, आरोप यह भी है कि पिछले चार वर्षों से महिला कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा था और उनकी धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई जा रही थी।
पुलिस फिलहाल 40 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है, ताकि आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य जुटाए जा सकें और मामले को कानूनी रूप से मजबूत बनाया जा सके।
6 आरोपियों के खिलाफ 9 मामले दर्ज
अब तक इस मामले में छह आरोपियों के खिलाफ कुल नौ मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें एक टीम लीडर और कंपनी के मानव संसाधन (HR) विभाग का प्रतिनिधि भी शामिल है। शिकायत दर्ज कराने वाली अधिकांश महिलाओं की उम्र 18 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी प्रबंधन ने इस मामले के सामने आने के बाद सात कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वह पुलिस जांच में पूरा सहयोग कर रही है।
HR मैनेजर पर भी गंभीर आरोप
मामले में कंपनी की HR मैनेजर की भूमिका भी जांच के दायरे में है। आरोप है कि एक पीड़ित कर्मचारी द्वारा ईमेल के माध्यम से शिकायत किए जाने के बावजूद उन्होंने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। वर्तमान में वह पुलिस रिमांड पर हैं और उनसे पूछताछ जारी है।
FIR और जांच की पूरी टाइमलाइन
पुलिस ने इस मामले में 26 मार्च से 3 अप्रैल के बीच अलग-अलग चरणों में कुल आठ एफआईआर दर्ज की हैं। इस मामले की शुरुआत 26 मार्च को हुई, जब एक महिला कर्मचारी ने देवलाली पुलिस स्टेशन में अपने एक वरिष्ठ अधिकारी पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रहा है। नासिक पुलिस कमिश्नर संदीप कार्णिक ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संगठित जांच से खुला बड़ा मामला
इस पूरे घटनाक्रम ने कॉर्पोरेट सेक्टर में कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस की इस अंडरकवर कार्रवाई ने यह भी दिखाया है कि सुनियोजित और साक्ष्य-आधारित जांच के माध्यम से बड़े से बड़े मामलों का खुलासा किया जा सकता है।
फिलहाल पुलिस इस मामले में जुड़े अन्य संभावित आरोपियों और नेटवर्क की जांच कर रही है, ताकि किसी भी दोषी को कानून के शिकंजे से बचने का मौका न मिले।
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