रामनगर(वाराणसी)। दीपावली के पर्व पर आतिशबाजी की दुकानों के संचालन को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा मानकों का पालन कराने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन रामनगर के संगत मैदान में पटाखों की दुकान संचालित होने का मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है। चिंता की बात यह है कि जिस स्थान पर पटाखों की बिक्री की जा रही है, उसके ठीक सामने रामनगर थाना स्थित है। आसपास घनी आबादी और लोगों की आवाजाही को देखते हुए स्थानीय नागरिकों ने दुकान के संचालन, लाइसेंस और सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि त्योहार के दौरान पटाखों की बिक्री के साथ आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
पटाखों की बिक्री के लिए निर्धारित स्थल के बावजूद संगत मैदान में दुकान
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार, रामनगर क्षेत्र में आतिशबाजी की दुकानों के लिए अशोक वाटिका पंचवटी में स्थान निर्धारित किया गया है। ऐसे में संगत मैदान में पटाखों की दुकान संचालित होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिक यह जानना चाहते हैं कि निर्धारित स्थल के अतिरिक्त यहां दुकान लगाने की अनुमति किस आधार पर दी गई है। क्या संबंधित दुकानदार के पास आतिशबाजी की बिक्री के लिए वैध लाइसेंस और आवश्यक प्रशासनिक अनुमति मौजूद है? यदि अनुमति दी गई है तो किन शर्तों के तहत दी गई है और क्या उन शर्तों का पालन किया जा रहा है?
थाने के ठीक सामने दुकान, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस मामले में सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर है कि संगत मैदान में जिस स्थान पर पटाखों की दुकान संचालित हो रही है, उसके ठीक सामने रामनगर थाना मौजूद है। इसके बावजूद दुकान के संचालन को लेकर स्थानीय लोगों के मन में कई सवाल हैं। लोगों का कहना है कि पटाखों की बिक्री सामान्य दुकानों की तरह नहीं की जा सकती, क्योंकि आतिशबाजी ज्वलनशील और विस्फोटक प्रकृति की सामग्री है। इसके भंडारण और बिक्री के लिए निर्धारित नियमों तथा सुरक्षा मानकों का पालन आवश्यक है। ऐसे में घनी आबादी और भीड़भाड़ वाले इलाके में दुकान के संचालन की स्थिति की जांच किया जाना जरूरी है।
लाइसेंस, भंडारण और अग्निशमन इंतजामों की जांच की मांग
स्थानीय नागरिकों ने संबंधित अधिकारियों से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि क्या दुकान के लाइसेंस की जांच की गई है? पटाखों का भंडारण निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जा रहा है या नहीं? दुकान के आसपास अग्निशमन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं या नहीं? इसके साथ ही यह भी जांच का विषय है कि दुकान निर्धारित स्थल से कितनी दूरी पर है और वहां आतिशबाजी की बिक्री की अनुमति किन परिस्थितियों में दी गई है। नागरिकों का कहना है कि इन सवालों का जवाब केवल मौके पर निरीक्षण और संबंधित दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकता है।
किसी अनहोनी से पहले कार्रवाई जरूरी
पटाखों की दुकानों पर सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर की लापरवाही गंभीर परिणामों का कारण बन सकती है। विशेषकर ऐसे स्थान पर जहां आसपास आवासीय क्षेत्र और लोगों की लगातार आवाजाही हो, वहां सुरक्षा मानकों की अनदेखी को हल्के में नहीं लिया जा सकता। स्थानीय लोगों का कहना है कि किसी अप्रिय घटना के बाद जांच और जिम्मेदारी तय करने के बजाय प्रशासन को पहले ही संभावित जोखिमों का आकलन करना चाहिए। समय रहते निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई से किसी बड़ी घटना की आशंका को कम किया जा सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से की तत्काल जांच की मांग
संगत मैदान में पटाखों की दुकान को लेकर स्थानीय नागरिकों की मांग है कि संबंधित प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचकर दुकान के लाइसेंस, अनुमति पत्र, पटाखों के भंडारण और अग्निशमन सुरक्षा इंतजामों की जांच करें। यदि दुकान बिना वैध अनुमति के संचालित पाई जाती है या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही प्रशासन को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि आतिशबाजी की दुकानों के लिए निर्धारित स्थल के अतिरिक्त अन्य स्थानों पर बिक्री की अनुमति है या नहीं।
रामनगर पुलिस और प्रशासन के आधिकारिक पक्ष का इंतजार
फिलहाल संगत मैदान में पटाखों की दुकान के लाइसेंस, प्रशासनिक अनुमति और सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर स्थिति आधिकारिक रूप से स्पष्ट होना बाकी है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर दुकान को अवैध घोषित करना उचित नहीं होगा। इसकी वैधता और नियमों के पालन की पुष्टि संबंधित विभाग की जांच तथा दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही हो सकेगी। ऐसे में रामनगर पुलिस और संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आना आवश्यक है।
न्यूज रिपोर्ट का सवाल है कि यदि आतिशबाजी की दुकानों के लिए स्थान निर्धारित किया गया है तो संगत मैदान में दुकान के संचालन की अनुमति किस आधार पर दी गई? क्या संबंधित दुकान के सभी दस्तावेज और सुरक्षा इंतजाम जांचे गए हैं? रामनगर की जनता को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सुरक्षित माहौल चाहिए। प्रशासन को चाहिए कि मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष जांच कराए और नियमों के अनुरूप आवश्यक कदम उठाए, ताकि त्योहार के दौरान किसी भी नागरिक की सुरक्षा खतरे में न पड़े।
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