काशी के मंदिरों और मणिकर्णिका घाट से जुड़े कुछ वीडियो बीते दो तीन दिनों से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं जिनमें ऐतिहासिक और धार्मिक संरचनाओं को तोड़े जाने के दावे किए जा रहे हैं। इन आरोपों पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं मीडिया के सामने आए। उन्होंने इन सभी वीडियो और दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि काशी में पिछले ग्यारह वर्षों में हुए समग्र विकास कार्यों को बाधित करने और जनता के बीच भ्रम फैलाने के लिए सुनियोजित साजिश की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सही तथ्य जनता के सामने आएं इसलिए उन्हें खुद सामने आकर स्थिति स्पष्ट करनी पड़ी।
इधर कुछ सामाजिक और शैक्षणिक संगठनों ने सरकार से काशी की प्राचीन धरोहरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग तेज कर दी है। इसी क्रम में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों ने कैंपस स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर के बाहर विरोध सभा आयोजित की। छात्रों ने पुण्यश्लोक लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा निर्मित और जीर्णोद्धारित मणिकर्णिका घाट तथा उससे जुड़ी ऐतिहासिक संरचनाओं को संभावित क्षति पहुंचने पर गहरी चिंता जताई। छात्र नेता धर्मेंद्र पाल ने कहा कि काशी को केवल एक विकास परियोजना के रूप में देखना दुर्भाग्यपूर्ण है और देवी अहिल्याबाई होल्कर की विरासत का संरक्षण सुनिश्चित करते हुए विकास और संरक्षण के बीच संतुलन बनाया जाना चाहिए।
वहीं छात्र प्रतिनिधि उत्कर्ष कृष्ण गणेश ने स्पष्ट किया कि छात्र विकास के विरोधी नहीं हैं लेकिन ऐसा विकास जो आस्था परंपरा और ऐतिहासिक स्मृतियों को नुकसान पहुंचाए वह स्वीकार्य नहीं हो सकता। अधिवक्ता संतोष कुमार त्रिपाठी ने सरकार द्वारा प्रस्तुत कथित एआई जनरेटेड प्रचार सामग्री को भ्रामक बताते हुए वास्तविक स्थिति छिपाने का आरोप लगाया। मणिकर्णिका घाट से जुड़े विवाद के बीच कुंभ महादेव मंदिर की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल की जा रही हैं जिनमें यह दावा किया गया कि इस मंदिर को भी तोड़ दिया गया है। हालांकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यह मंदिर काशी विश्वनाथ धाम परिसर के भीतर आज भी मौजूद है और मणिकर्णिका घाट से सतुआ बाबा आश्रम की ओर आगे बढ़ने पर बाईं ओर स्थित है। इस स्थिति को स्पष्ट करने के लिए खुद नीलकंठ तिवारी और अशोक तिवारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने कहा कि विपक्षी दल जानबूझकर झूठ फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
मणिकर्णिका घाट पर कथित टिप्पणी और दुष्प्रचार के मामले में कानूनी कार्रवाई भी शुरू हो गई है। सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों को लेकर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह बिहार के कांग्रेस नेता पप्पू यादव और हरियाणा की कांग्रेस नेता जसविंदर कौर समेत कुल आठ लोगों के खिलाफ चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एसीपी दशाश्वमेध अतुल अंजन त्रिपाठी ने बताया कि प्रोजेक्ट मैनेजर मनो की तहरीर पर संजय सिंह पप्पू यादव जसविंदर कौर और आशुतोष पोटनिस के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। वहीं नगर निगम के अपर नगर आयुक्त संगम लाल की तहरीर पर प्रज्ञा गुप्ता मनीष सिंह रितु राठौर और संदीव देव पर एआई का प्रयोग कर एक्स हैंडल के माध्यम से दुष्प्रचार करने का आरोप दर्ज किया गया है। पूरे मामले ने काशी में विकास धरोहर और राजनीति के बीच चल रहे टकराव को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।
