वाराणसी : किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में मंडुवाडीह पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने वांछित अभियुक्त समीर को गिरफ्तार करते हुए अपहृता किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। यह गिरफ्तारी महाराष्ट्र के मुंबई शहर से की गई, जहां आरोपी छिपकर रह रहा था। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए न केवल अभियुक्त को दबोचा, बल्कि पीड़िता को सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान समीर पुत्र शहजाद अली उर्फ फुर्रा खान के रूप में हुई है, जो महाराष्ट्र के मुंबई स्थित वाकोला पुलिस स्टेशन, थाना थाणे क्षेत्र का निवासी है। मामले की शुरुआत 12 जनवरी को हुई थी, जब पीड़िता के परिजनों ने थाना मंडुवाडीह में लिखित प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया था कि समीर उनकी 17 वर्षीय नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। इस मामले की विवेचना उप निरीक्षक विवेक यादव को सौंपी गई थी।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और स्थानीय सूचना तंत्र की मदद से अभियुक्त की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी। कड़ी मेहनत और सतर्कता के बाद अभियुक्त की लोकेशन मुंबई में ट्रेस की गई। इसके बाद मंडुवाडीह पुलिस की टीम मुंबई पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी को धर दबोचा। गिरफ्तारी के दौरान अपहृता किशोरी भी आरोपी के पास से सकुशल बरामद कर ली गई, जिससे परिजनों और पुलिस दोनों ने राहत की सांस ली।
बरामद की गई किशोरी की उम्र लगभग 17 वर्ष बताई जा रही है। पुलिस ने उसे आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और मेडिकल परीक्षण के बाद परिजनों के सुपुर्द किए जाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं अभियुक्त के खिलाफ दर्ज मुकदमे में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और उससे गहन पूछताछ भी की जा रही है, ताकि मामले से जुड़े अन्य तथ्यों का खुलासा हो सके।
इस सफल कार्रवाई में उप निरीक्षक विवेक यादव के साथ कांस्टेबल आलोक कुमार सरोज, कांस्टेबल विक्की कुमार और महिला कांस्टेबल सौम्यता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नाबालिगों से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी और ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
