नई बस्ती टेलीफोन कॉलोनी, लहरतारा क्षेत्र में स्थित हनुमान मंदिर में 6 फरवरी 2026 को श्री हनुमान जी के भव्य वार्षिक श्रृंगार के बाद विशाल भंडारे का आयोजन पूरी श्रद्धा और उत्साह के साथ किया गया। इस पावन अवसर पर पूरा इलाका भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया। सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी और जय श्रीराम तथा जय हनुमान के जयघोष से माहौल आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया। यह आयोजन वाराणसी की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा को एक बार फिर सजीव करता दिखा।
हनुमान मंदिर को विशेष रूप से फूल मालाओं रंग बिरंगी लाइटों और आकर्षक धार्मिक सजावट से सजाया गया था। श्रृंगार दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने विधि विधान से पूजा अर्चना और आरती कर बजरंगबली से क्षेत्र की सुख शांति और समृद्धि की कामना की। श्रृंगार दर्शन के उपरांत विशाल भंडारे का शुभारंभ किया गया जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में प्रसाद वितरण पूरी व्यवस्था और अनुशासन के साथ किया गया जिससे किसी को असुविधा न हो।
इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के सभी ग्रामवासियों के साथ साथ श्री सोमरू बिंद,बेचू बिंद,कसरत बिंद,अमृत लाल बिंद,गणेश सिंह रघुवंशी,गोलू गुप्ता,राहुल यादव,रोशन बिंद,नत्थू बिंद,बाबू बिंद,राजेश बिंद,राज साहनी,बादल बिंद ,बादल पाण्डेय पुष्कर श्रीवास्तव,ईशान श्रीवास्तव,सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने सेवा भाव के साथ श्रद्धालुओं को भोजन प्रसाद वितरित किया और आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। मंदिर समिति और स्वयंसेवकों ने पूरे दिन सेवा कार्य को पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया।
कार्यक्रम में भूतपूर्व प्रधान विजय बहादुर पारस की गरिमामयी उपस्थिति भी रही। उन्होंने आयोजन समिति और ग्रामवासियों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक और सामाजिक आयोजन समाज में आपसी भाईचारे सहयोग और एकता को मजबूत करते हैं। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं से अपील की कि वे आगे आकर ऐसे आयोजनों में भाग लें और अपनी सांस्कृतिक तथा धार्मिक परंपराओं को जीवित रखें। उनके अनुसार सेवा और श्रद्धा के माध्यम से ही समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
आयोजन के दौरान स्वच्छता और सुरक्षा व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया। महिलाओं बुजुर्गों और बच्चों के लिए अलग बैठने की व्यवस्था की गई थी। श्रद्धालुओं ने भी अनुशासन बनाए रखा और आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना की। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्तों का आना जाना लगा रहा और भक्ति संगीत व भजन कीर्तन से वातावरण और भी पावन बना रहा।
कुल मिलाकर श्री हनुमान जी के वार्षिक श्रृंगार के बाद आयोजित यह विशाल भंडारा आस्था सेवा और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। क्षेत्रवासियों का कहना है कि ऐसे आयोजन न केवल धार्मिक विश्वास को मजबूत करते हैं बल्कि समाज को एक सूत्र में बांधने का भी कार्य करते हैं।
