वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी व पारदर्शी बनाने की दिशा में एक अहम पहल करते हुए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने गुरुवार को पुलिस कार्यालय का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने न केवल कार्यालय परिसर में चल रहे नवीनीकरण कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की, बल्कि विभिन्न शाखाओं में लंबित प्रकरणों की स्थिति का भी बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि पुलिस कर्मियों और पेंशनरों से जुड़े मामलों का निस्तारण समयबद्ध और प्राथमिकता के आधार पर हो सके तथा कार्यालयी व्यवस्थाएं अधिक सुव्यवस्थित बनें।
निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने कार्यालय परिसर में भ्रमण कर साफ सफाई की स्थिति देखी और अभिलेखों के रखरखाव की व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पुलिस कार्यालय में स्वच्छ और अनुशासित वातावरण बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। कार्यस्थल की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए फाइलों और रजिस्टरों की सही ढंग से वर्गीकृत व्यवस्था रखने पर जोर दिया गया, ताकि किसी भी प्रकरण की फाइल तलाशने में अनावश्यक समय न लगे।
पुलिस आयुक्त ने विशेष रूप से बाबुओं और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पुलिस कर्मियों के चौबीस घंटे के कर्तव्य निर्वहन को ध्यान में रखते हुए उनके मेडिकल बिल, टीए डीए, वेतनवृद्धि और पदोन्नति से जुड़े मामलों का त्वरित निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि इन मामलों में देरी न केवल कर्मियों का मनोबल गिराती है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। इसी क्रम में सेवानिवृत्त कर्मियों, पेंशन प्रकरणों और मृतक आश्रित नियुक्ति से जुड़े लंबित मामलों की भी समीक्षा की गई और इन्हें प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए गए।
निरीक्षण के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि पुलिस कर्मियों और पेंशनरों को टीए भुगतान, मेडिकल प्रतिपूर्ति या अन्य देयकों के लिए बार बार कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए संबंधित शाखाओं को ऐसी व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए, जिससे अधिकांश कार्य एक ही बार में पूरे हो सकें। पुलिस आयुक्त ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी पत्रावली को अनावश्यक रूप से लंबित पाया गया तो संबंधित अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी तय करते हुए कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
स्वच्छता को लेकर भी पुलिस आयुक्त ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने दैनिक साफ सफाई, समुचित कचरा निस्तारण और कार्यालय परिसर में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए। सीसीटीवी निगरानी के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई व्यक्ति गंदगी फैलाता या अनुशासनहीन आचरण करता पाया जाए तो उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही मुख्यालय स्तर पर लंबित प्रकरणों के संबंध में समय समय पर पत्राचार कर अद्यतन स्थिति प्राप्त करने और संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि मामलों का शीघ्र निस्तारण हो सके। निरीक्षण और समीक्षा के इस अवसर पर अपर पुलिस आयुक्त मुख्यालय शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त मुख्यालय प्रमोद कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त मुख्यालय अपूर्व पाण्डेय सहित विभिन्न शाखाओं के प्रभारी अधिकारी उपस्थित रहे। पुलिस आयुक्त के इस निरीक्षण को प्रशासनिक कसावट और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
