वाराणसी में कोडिन युक्त कफ सिरप की अवैध खरीद बिक्री का मामला दो आरोपी गिरफ्तार
वाराणसी में कोडिन युक्त कफ सिरप की अवैध खरीद बिक्री के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 25000 रुपये के इनामी बदमाश समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों ने फर्जी और कूट रचित जीएसटी बिल तथा ई वे बिल का प्रयोग कर शैली ट्रेडर्स के माध्यम से भारी मात्रा में कफ सिरप की खरीद बिक्री की थी। इस कार्रवाई को अवैध दवा कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
टेंगरा मोड़ से हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने ढूंढ राज पुलिया के पास टेंगरा मोड़ क्षेत्र से मनोज कुमार यादव और लक्ष्य यादव को गिरफ्तार किया है। मनोज कुमार यादव पर पहले से 25000 रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी मामले में सक्रिय रूप से शामिल थे और मुख्य सरगना शुभम जायसवाल से जुड़े नेटवर्क के माध्यम से अवैध कारोबार को संचालित कर रहे थे।
फर्जी बिल और ई वे बिल के जरिए चल रहा था अवैध कारोबार
पुलिस जांच में सामने आया है कि शैली ट्रेडर्स नामक फर्म के माध्यम से फर्जी जीएसटी बिल और ई वे बिल तैयार कर कोडिन युक्त न्यू फैंसीडील कफ सिरप की खरीद बिक्री की जा रही थी। आरोप है कि इस तरीके से करीब दो करोड़ रुपये की दवा का लेनदेन किया गया। पुलिस का कहना है कि दस्तावेजों को इस तरह तैयार किया जाता था जिससे माल की वास्तविक आवाजाही और उपयोग को छिपाया जा सके।
तस्करी के समय और स्थान की जानकारी सीमित लोगों तक
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि शैली ट्रेडर्स रांची झारखंड के प्रोपराइटर भोला प्रसाद जायसवाल और शुभम जायसवाल की फर्म से करीब 126000 सीसी कफ सिरप खरीदी गई थी। जांच के दौरान यह भी जानकारी सामने आई कि वाराणसी स्थित सप्तसागर दवा मंडी में सप्लाई दिखाकर दवा को अन्य स्थानों पर भेजा जाता था। इस प्रक्रिया में फर्जी बिल तैयार किए जाते थे और तस्करी की पूरी योजना को गुप्त रखा जाता था। आरोपियों के अनुसार तस्करी से जुड़ी जानकारी केवल शुभम जायसवाल, दिवेश जायसवाल, अमित जायसवाल और कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित रहती थी।
अवैध कमाई से खरीदी गई प्रॉपर्टी
पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया है कि अवैध कारोबार से अर्जित धन से पांच अलग अलग स्थानों पर प्रॉपर्टी खरीदी गई थी। इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब तीन करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस अब इन संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है ताकि अवैध कमाई के स्रोत और नेटवर्क को पूरी तरह समझा जा सके।
मुख्य सरगना की तलाश जारी
मामले में मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल फिलहाल फरार बताया जा रहा है। पुलिस टीम उसकी तलाश में जुटी हुई है और उससे जुड़े संभावित ठिकानों पर जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आगे और गिरफ्तारियां संभव हैं।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है ताकि अवैध दवा कारोबार की पूरी श्रृंखला का खुलासा किया जा सके। जांच के दौरान वित्तीय लेनदेन, फर्जी दस्तावेजों की तैयारी और सप्लाई चेन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि अवैध दवा कारोबार पर रोक लगाने के लिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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