जौनपुर के धमौर बाजार में डीएसओ की छापेमारी, तीन सीएससी केंद्रों से 82 गैस सिलिंडर बरामद
जौनपुर जिले के धमौर बाजार में शनिवार को जिला पूर्ति अधिकारी की टीम ने गैस सिलिंडर के अवैध भंडारण की शिकायत पर बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन कॉमन सर्विस सेंटरों पर छापेमारी की। इस दौरान कुल 82 घरेलू गैस सिलिंडर बरामद किए गए, जिनमें 4 सिलिंडर भरे हुए और 78 खाली पाए गए। अचानक हुई इस कार्रवाई से बाजार में हड़कंप मच गया और सिलिंडर विक्रेताओं के बीच अफरा तफरी की स्थिति बन गई।
जानकारी के अनुसार जिला पूर्ति अधिकारी संतोष विक्रम साही को क्षेत्र में घरेलू गैस सिलिंडरों के अवैध भंडारण और संभावित कालाबाजारी की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीएसओ ने अपनी टीम के साथ धमौर बाजार स्थित तीन सीएससी केंद्रों पर अचानक छापेमारी की।
तीन केंद्रों से बरामद हुए सिलिंडर
छापेमारी के दौरान अधिकारियों को तीन अलग अलग सीएससी केंद्रों से बड़ी संख्या में घरेलू गैस सिलिंडर मिले। जांच में सीएससी संचालक अशोक विश्वकर्मा के केंद्र से 17 खाली सिलिंडर बरामद किए गए। वहीं उनके बगल में स्थित जितेंद्र प्रजापति के केंद्र से 49 खाली सिलिंडर मिले। इसके अलावा बृजेश प्रजापति के सीएससी केंद्र से 12 खाली और 4 भरे हुए गैस सिलिंडर बरामद किए गए।
अधिकारियों ने सभी बरामद सिलिंडरों को कब्जे में लेकर संबंधित संचालकों से पूछताछ शुरू कर दी है। प्राथमिक जांच में सिलिंडरों के अवैध भंडारण की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छापेमारी से बाजार में मचा हड़कंप
जैसे ही डीएसओ की टीम ने बाजार में छापेमारी शुरू की, पूरे इलाके में अफरा तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय दुकानदारों और लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से बाजार में चर्चा का माहौल बन गया और कई लोग कार्रवाई को देखने के लिए आसपास जमा हो गए।
अधिकारियों ने बताया कि गैस सिलिंडर के अवैध भंडारण और कालाबाजारी की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। ऐसी गतिविधियों को रोकने के लिए जिले में समय समय पर अभियान चलाकर जांच की जा रही है।
संचालकों ने दी अपनी सफाई
छापेमारी के बाद संबंधित सीएससी संचालकों ने अपनी सफाई भी दी है। उनका कहना है कि होली के बाद से गैस सिलिंडरों की आपूर्ति प्रभावित चल रही है। ग्रामीण उपभोक्ता अपने खाली सिलिंडर बदलने के लिए उनके केंद्रों पर रखकर चले जाते हैं, इसलिए बड़ी संख्या में खाली सिलिंडर वहां जमा हो गए हैं।
संचालकों का दावा है कि सभी सिलिंडरों से संबंधित आवश्यक कागजात मौजूद हैं और किसी प्रकार की कालाबाजारी नहीं की जा रही है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
डीएसओ संतोष विक्रम साही ने बताया कि बरामद सिलिंडरों और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो संबंधित संचालकों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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