रामनगर में सरकारी जमीन पर रातों रात खड़ी हुई बाउंड्री पर चला बुलडोजर, प्रशासन की कार्रवाई से बेनकाब हुआ कब्जे का खेल
वाराणसी: रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बघेली टोला में सरकारी भूमि पर कथित कब्जे के प्रयास के खिलाफ प्रशासन द्वारा की गई बड़ी कार्रवाई शुक्रवार को पूरे दिन चर्चा का विषय बनी रही। नगर निगम, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में उस निर्माणाधीन बाउंड्रीवाल को ध्वस्त कर दिया जिसे स्थानीय स्तर पर नगर निगम की सरकारी भूमि पर रातों रात खड़ा किए जाने का आरोप लगाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान पूरे इलाके में लोगों की भारी भीड़ जुटी रही और सरकारी जमीन पर कब्जे के इस मामले को लेकर तरह तरह की चर्चाएं होती रहीं।
सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों ने खोली पूरे मामले की परतें
मामले की शुरुआत उस समय हुई जब बघेली टोला स्थित विवादित भूमि पर तेजी से खड़ी की जा रही बाउंड्रीवाल की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे। स्थानीय लोगों ने सवाल उठाना शुरू किया कि आखिर जिस भूमि को लंबे समय से सरकारी भूमि बताया जाता रहा, वहां अचानक निर्माण कार्य कैसे शुरू हो गया। सोशल मीडिया पर मामला सामने आते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और राजस्व विभाग तथा नगर निगम के अधिकारियों को तत्काल मौके पर जांच के निर्देश दिए गए।
स्थलीय निरीक्षण में सामने आई सरकारी भूमि की बात
प्राप्त जानकारी के अनुसार राजस्व विभाग के लेखपाल राजवीर सिंह तथा नगर निगम के लेखपाल अमित तिवारी ने मौके पर पहुंचकर भूमि का स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान उपलब्ध अभिलेखों और मौके की स्थिति का मिलान किया गया। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि जिस हिस्से में बाउंड्री निर्माण कराया जा रहा था उसका एक भाग नगर निगम की सरकारी भूमि में दर्ज है। जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपे जाने के बाद मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
डेढ़ बीघा भूमि के बंटवारे से जुड़ा बताया जा रहा विवाद
स्थानीय सूत्रों के अनुसार लगभग डेढ़ बीघा भूमि में तीन भाइयों का हिस्सा बताया जाता है। बताया जा रहा है कि आपसी बंटवारे के दौरान दो भाइयों ने अपने हिस्से में बाउंड्री निर्माण करा लिया था। आरोप है कि तीसरे हिस्से में भूमि कम पड़ने के बाद सरकारी भूमि को भी उसमें शामिल कर लिया गया और उसी हिस्से को घेरते हुए बाउंड्री खड़ी कर दी गई। निर्माण कार्य जिस तेजी से कराया गया उसने स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया और मामला देखते ही देखते सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया।
जांच के दौरान कर्मचारियों से अभद्रता के आरोप
मामला केवल भूमि विवाद तक सीमित नहीं रहा। जांच के लिए पहुंचे राजस्व और नगर निगम के कर्मचारियों को कथित तौर पर विरोध का सामना भी करना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया। आरोप है कि लेखपालों तथा उनके साथ मौजूद कर्मचारियों के साथ गाली गलौज और धक्का मुक्की की गई। स्थिति बिगड़ती देख संबंधित कर्मचारी रामनगर थाने पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस ने लिया संज्ञान, दो लोगों को हिरासत में लिया गया
सूचना मिलने के बाद पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस द्वारा तत्काल हस्तक्षेप करते हुए दो लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद नगर निगम और राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से रणनीति तैयार की और सरकारी भूमि को कब्जे से मुक्त कराने का निर्णय लिया गया।
जोनल अधिकारी के नेतृत्व में चला अभियान
शुक्रवार को नगर निगम रामनगर जोन की जोनल अधिकारी शिखा रानी मौर्य के नेतृत्व में नगर निगम, राजस्व विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम बघेली टोला पहुंची। पूरे क्षेत्र को पुलिस सुरक्षा घेरे में लिया गया और अधिकारियों की निगरानी में जेसीबी मशीनों की सहायता से निर्माणाधीन बाउंड्रीवाल को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा संदेश
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ इस प्रकार की कार्रवाई आवश्यक है। लोगों का मानना है कि यदि समय रहते मामला सामने नहीं आता तो विवादित भूमि पर स्थायी निर्माण भी संभव था। इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी भूमि की निगरानी व्यवस्था, अभिलेखों की सुरक्षा तथा स्थानीय स्तर पर होने वाले भूमि विवादों को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रश्न खड़े कर दिए हैं।
जांच अभी जारी, कई पहलुओं की हो रही पड़ताल
फिलहाल प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। सरकारी भूमि पर कब्जे के प्रयास, राजस्व कर्मचारियों के साथ कथित अभद्रता तथा पूरे घटनाक्रम में शामिल लोगों की भूमिका की अलग अलग स्तर पर पड़ताल जारी है। रामनगर में हुई यह कार्रवाई दिनभर चर्चा का केंद्र बनी रही। प्रशासन का कहना है कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और राजस्व अभिलेखों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम आगे भी जारी रहेंगे।
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