भगवान राम पर कथित विवादित बयान के मामले में राहुल गांधी को वाराणसी कोर्ट का समन, आज होगी सुनवाई
वाराणसी: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से जुड़े एक मामले में सोमवार को वाराणसी की एमपी-एमएलए विशेष अदालत में अहम सुनवाई प्रस्तावित है। विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) यजुर्वेद विक्रम सिंह की अदालत ने राहुल गांधी को मामले में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के लिए समन जारी किया है। अदालत ने उन्हें आज की तारीख पर कोर्ट में हाजिर होने के निर्देश दिए हैं। यह मामला भगवान राम को लेकर दिए गए उनके कथित बयान से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसे लेकर याचिकाकर्ता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
जानकारी के अनुसार यह विवाद उस बयान से जुड़ा है जो राहुल गांधी ने अमेरिका दौरे के दौरान बोस्टन में ब्राउन यूनिवर्सिटी में छात्रों के साथ एक संवाद कार्यक्रम में दिया था। आरोप है कि उस दौरान उन्होंने भगवान राम को ‘पौराणिक’ बताते हुए उस कालखंड से जुड़ी कथाओं को काल्पनिक बताया था। इस कथित बयान को लेकर वाराणसी के अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने अदालत में याचिका दाखिल की थी और इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया था।
12 मई 2025 को दाखिल हुआ था परिवाद
याचिकाकर्ता अधिवक्ता हरिशंकर पांडेय ने 12 मई 2025 को अदालत में परिवाद दायर करते हुए कहा था कि राहुल गांधी के बयान से देश की धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंची है। उन्होंने अपने परिवाद में यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके नेता समय-समय पर सनातन धर्म से जुड़े प्रतीकों और महापुरुषों पर टिप्पणी करते रहे हैं, जिससे समाज में असंतोष पैदा होता है। उन्होंने अदालत से मांग की थी कि राहुल गांधी के खिलाफ इस मामले में विधिक कार्रवाई की जाए और उनके कथित बयान की जांच कराई जाए।
पहले निरस्त हो चुका था परिवाद
हालांकि प्रारंभिक सुनवाई के बाद विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) की अदालत ने 12 मई 2025 को इस परिवाद को निरस्त कर दिया था। इसके बाद याचिकाकर्ता ने इस आदेश को चुनौती देते हुए 26 सितंबर को जिला जज की अदालत में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की। इसी पुनरीक्षण याचिका पर अब एमपी-एमएलए विशेष अदालत में सुनवाई चल रही है। अदालत पहले याचिका की स्वीकार्यता (मेंटेनिबिलिटी) पर बहस सुनेगी और उसके बाद यह तय किया जाएगा कि राहुल गांधी के खिलाफ इस मामले में आगे मुकदमा चलाने का आधार बनता है या नहीं।
अदालत ने व्यक्तिगत उपस्थिति के लिए जारी किया समन
बताया जाता है कि पिछली तारीख पर राहुल गांधी अदालत में उपस्थित नहीं हो पाए थे, जिसके कारण सुनवाई आगे नहीं बढ़ सकी थी। अदालत ने इस बार उन्हें समन जारी कर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने को कहा है। अदालत की ओर से यह भी संकेत दिया गया है कि यदि निर्धारित तिथि पर उनकी उपस्थिति नहीं होती है तो कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
अमेरिका में कार्यक्रम के दौरान दिया था बयान
उधर अमेरिका में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने एक प्रश्न के उत्तर में यह भी कहा था कि भारत के कई महान विचारक और सुधारक—जैसे गौतम बुद्ध, गुरु नानक, महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर—समाज में करुणा, सहिष्णुता और समानता के मूल्यों का संदेश देते रहे हैं। उन्होंने उस संवाद में यह भी कहा था कि उनके अनुसार भारतीय जनता पार्टी का दृष्टिकोण इन मूल्यों से अलग है और समाज में विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देता है।
अब इस पूरे प्रकरण पर वाराणसी की विशेष अदालत में होने वाली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। अदालत में आज की कार्यवाही के दौरान यह स्पष्ट हो सकता है कि याचिका पर आगे मुकदमा चलेगा या नहीं और इस मामले की कानूनी दिशा क्या होगी।
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