वाराणसी में गंगा स्नान के दौरान किशोर की डूबकर मौत
वाराणसी: धार्मिक आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा के केंद्र काशी में गुरुवार की सुबह एक दर्दनाक हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। गोरखपुर से परिवार के साथ काशी भ्रमण पर आए एक किशोर की गंगा में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद घाट क्षेत्र में अफरा तफरी का माहौल बन गया और परिजनों का रो रोकर बुरा हाल हो गया।
गोरखपुर से आया था परिवार, स्नान के दौरान हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हर्षित चौधरी 14 वर्ष पुत्र गणेश चौधरी निवासी खुर्रमपुर थाना राजघाट जनपद गोरखपुर अपने परिवार के साथ काशी दर्शन और पूजन के उद्देश्य से वाराणसी आया था। गुरुवार की सुबह वह अपने परिजनों के साथ वाराही घाट मीरघाट पर गंगा स्नान कर रहा था। इसी दौरान अचानक वह गहरे पानी की ओर चला गया और देखते ही देखते डूबने लगा। परिजनों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन गंगा की तेज धारा और अधिक गहराई के कारण वह कुछ ही पलों में लापता हो गया।
सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य शुरू
घटना की सूचना मिलते ही दशाश्वमेध चौकी प्रभारी अनुजमणि तिवारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एनडीआरएफ, जल पुलिस और स्थानीय गोताखोरों को बुलाया गया। सभी ने मिलकर किशोर की तलाश शुरू की। काफी मशक्कत के बाद उसे गंगा से बाहर निकाला गया और तुरंत कबीर चौरा मंडलीय चिकित्सालय पहुंचाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद हर्षित चौधरी को मृत घोषित कर दिया। इस सूचना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। घाट पर मौजूद अन्य श्रद्धालु भी इस घटना से स्तब्ध नजर आए। परिजन बार बार यही कहते रहे कि वे खुशी खुशी दर्शन करने आए थे, लेकिन एक हादसे ने सब कुछ बदल दिया।
पुलिस कार्रवाई और प्रशासनिक पहल
पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों के अनुसार मामले की सभी प्रक्रियाएं नियमानुसार पूरी की जा रही हैं। वहीं घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
घाटों पर सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि घाटों पर गहराई और तेज धारा को लेकर पर्याप्त चेतावनी और निगरानी की आवश्यकता है। कई लोगों ने सुझाव दिया कि संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और स्पष्ट संकेतक लगाए जाएं ताकि श्रद्धालु सतर्क रह सकें।
पृष्ठभूमि और सावधानी की जरूरत
गंगा घाटों पर हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान और पूजा के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा और जागरूकता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि आस्था के साथ साथ सावधानी भी उतनी ही जरूरी है, विशेषकर गहरे और प्रवाहमान जल में स्नान करते समय।
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