रज्जू भैया विश्वविद्यालय में फिर भड़का छात्र आक्रोश, बैक और फेल परिणामों को लेकर प्रदर्शन
प्रयागराज स्थित प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय के परीक्षा परिणाम को लेकर छात्रों का आक्रोश एक बार फिर सड़कों पर दिखाई दिया। स्नातक और परास्नातक परीक्षाओं में बड़ी संख्या में छात्रों को बैक और फेल किए जाने से नाराज छात्र-छात्राओं ने गुरुवार को विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों की मांग है कि बैक किए गए विद्यार्थियों को प्रमोट किया जाए या फिर परिणामों की निष्पक्ष पुनः समीक्षा कराई जाए।
बड़ी संख्या में छात्रों को बैक और फेल, भविष्य को लेकर चिंता
छात्रों का कहना है कि एक मार्च को जारी परीक्षा परिणाम में असामान्य रूप से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को बैक या फेल कर दिया गया, जिससे उनके शैक्षणिक भविष्य पर संकट उत्पन्न हो गया है। छात्रों के अनुसार, परिणामों में पारदर्शिता की कमी है और कई विषयों में पास प्रतिशत बेहद कम रहा है।
कई जिलों से पहुंचे छात्र, दो घंटे तक चला प्रदर्शन
प्रदर्शन में प्रतापगढ़, कौशांबी, मीरजापुर, भदोही और फतेहपुर समेत कई जिलों से बड़ी संख्या में छात्र विश्वविद्यालय परिसर पहुंचे। करीब दो घंटे तक छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे रहे, लेकिन उनकी शिकायत सुनने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इससे छात्रों में नाराजगी और बढ़ गई।
पुलिस बल तैनात, प्रशासन ने दी चुनौती मूल्यांकन की सलाह
स्थिति को देखते हुए विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अखिलेश सिंह ने कहा कि छात्र चुनौती मूल्यांकन (चैलेंज इवैल्यूएशन) के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिसके माध्यम से उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की पुनः जांच की जाएगी।
तीन लाख में से 50 हजार छात्र फेल, कई विषयों में कम पास प्रतिशत
विश्वविद्यालय द्वारा अब तक स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों के लगभग तीन लाख छात्रों का परिणाम घोषित किया जा चुका है। इनमें से करीब 18 से 20 प्रतिशत, यानी लगभग 50 हजार छात्र फेल हो गए हैं। अभी करीब दो लाख छात्रों के परिणाम जारी होने बाकी हैं। परिणामों के सामने आने के बाद कई विषयों में असामान्य रूप से कम पास प्रतिशत को लेकर छात्रों और कॉलेज प्रबंधन ने भी सवाल उठाए हैं।
विज्ञान और प्रोफेशनल कोर्स में खराब प्रदर्शन
सबसे अधिक खराब परिणाम परास्नातक के विज्ञान विषयों में देखने को मिला है। एमएससी जंतु विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित और वनस्पति विज्ञान में केवल 35 से 48 प्रतिशत छात्र ही पास हो सके हैं। वहीं बीकॉम पांचवें सेमेस्टर में मात्र 48 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल हुए हैं। प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों में एलएलबी और बीएएलएलबी का पास प्रतिशत 38 से 40 के बीच रहा, जिससे लगभग आधे छात्र असफल हो गए।
रिव्यू कमेटी से भी छात्रों में असंतोष
छात्रों का कहना है कि 13 मार्च को हुए पूर्व प्रदर्शन के बाद कुलपति द्वारा एक रिव्यू कमेटी गठित की गई थी। कमेटी द्वारा बुधवार को संशोधित परिणाम जारी किया गया, जिसमें मात्र 10 प्रतिशत विद्यार्थियों को ही प्रमोट किया गया। इससे शेष छात्रों में असंतोष बना हुआ है और वे अन्य प्रभावित छात्रों को भी प्रमोट किए जाने की मांग कर रहे हैं।
फिलहाल छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।
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