भदैनी में दिल दहला देने वाली घटना पारिवारिक विवाद और मानसिक तनाव के बीच ज्योतिषी ने दी जान
भोर में सामने आया दर्दनाक दृश्य परिवार और मोहल्ला स्तब्ध
वाराणसी: भेलूपुर थाना क्षेत्र स्थित भदैनी इलाके में गुरुवार की भोर एक बेहद मार्मिक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई जिसने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया। यहां रहने वाले अड़तालीस वर्षीय रविराज उपाध्याय ने अपने ही कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी उस समय हुई जब सुबह के समय उनकी पत्नी रिंकी की नींद खुली और उन्होंने कमरे के अंदर का दृश्य देखा। यह दृश्य इतना भयावह था कि उनके होश उड़ गए और घर में चीख पुकार मच गई। देखते ही देखते आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए और पूरे मोहल्ले में सनसनी फैल गई।
परिजनों ने अस्पताल पहुंचाया डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
घटना की जानकारी मिलते ही रिंकी ने तुरंत अपने देवर शशिराज को सूचना दी। परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर पहुंचे और आनन फानन में रविराज को फंदे से नीचे उतारकर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर के बाद परिवार में कोहराम मच गया और घर का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। पत्नी और दो मासूम बेटियों का रो रोकर बुरा हाल है और हर कोई इस घटना से स्तब्ध नजर आ रहा है।
ज्योतिषी के रूप में थी पहचान समाज में था जुड़ाव
मृतक रविराज उपाध्याय पेशे से ज्योतिषी थे और पंचांग से जुड़े कार्य करते थे। स्थानीय स्तर पर उनकी अच्छी पहचान थी और लोग उनसे सलाह लेने के लिए आते थे। अपने कार्य के माध्यम से उन्होंने समाज में एक अलग स्थान बनाया था। उनके अचानक इस तरह चले जाने से उनके जानने वालों में भी गहरा शोक है और हर कोई इस घटना को लेकर दुख व्यक्त कर रहा है।
दो वर्षों से पारिवारिक विवाद के कारण मानसिक दबाव
परिजनों के अनुसार पिछले करीब दो वर्षों से वह पारिवारिक जमीन से जुड़े विवाद के कारण मानसिक तनाव में थे। इस विवाद ने उनके जीवन पर गहरा प्रभाव डाला था और वह अंदर ही अंदर परेशान रहने लगे थे। हालांकि उन्होंने कभी खुलकर अपनी परेशानी जाहिर नहीं की लेकिन करीबियों का कहना है कि वह अक्सर चिंतित दिखाई देते थे। यह तनाव धीरे धीरे उनके मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल रहा था।
घटना से पहले सामान्य बातचीत अब बनी रहस्य
परिवार के लोगों ने बताया कि घटना से पहले मंगलवार और बुधवार को रविराज ने अपने कई परिचितों और रिश्तेदारों को फोन कर हालचाल लिया था। बातचीत पूरी तरह सामान्य थी और किसी को भी यह अंदेशा नहीं हुआ कि वह किसी बड़े मानसिक दबाव से गुजर रहे हैं या कोई कठोर कदम उठा सकते हैं। अब उनकी यह सामान्य बातचीत परिजनों के लिए एक गहरी पीड़ा और सवाल बन गई है कि आखिर उनके मन में क्या चल रहा था।
सोनभद्र से वाराणसी तक का सफर जिम्मेदारियों का बोझ
रविराज उपाध्याय मूल रूप से सोनभद्र जिले के घोरावल क्षेत्र के रहने वाले थे लेकिन लंबे समय से उनका परिवार वाराणसी के भदैनी इलाके में रह रहा था। घोरावल में उनकी खेती बाड़ी भी थी जिसकी देखरेख के लिए वह समय समय पर वहां जाते रहते थे। परिवार में वह दो भाइयों में बड़े थे और घर की जिम्मेदारियां भी उनके कंधों पर थीं। ऐसे में पारिवारिक और आर्थिक जिम्मेदारियों का दबाव भी उनके जीवन का हिस्सा बना हुआ था।
मोहल्ले में शोक का माहौल लोगों के मन में सवाल
इस दुखद घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। पड़ोसी और स्थानीय लोग लगातार परिवार के घर पहुंचकर उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं। हर किसी के मन में यही सवाल है कि आखिर ऐसा क्या हुआ जिसने एक जिम्मेदार पिता और पति को इतना बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया। इस घटना ने लोगों को अंदर तक झकझोर दिया है और मानसिक तनाव की गंभीरता पर सोचने के लिए मजबूर कर दिया है।
पुलिस ने शुरू की कार्रवाई जांच जारी
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। शव को कब्जे में लेकर आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल परिवार की स्थिति बेहद दुखद है और पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ है।
पृष्ठभूमि
हाल के वर्षों में मानसिक तनाव और पारिवारिक विवाद से जुड़ी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की स्थितियों में समय पर संवाद और सहयोग बेहद जरूरी होता है। भदैनी की यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि मानसिक दबाव को नजरअंदाज करना गंभीर परिणाम दे सकता है और समाज को इस दिशा में अधिक संवेदनशील होने की जरूरत है।
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