यूपी कॉलेज हत्याकांड के बाद बवाल: छात्रों पर मुकदमा दर्ज, परिसर में तनाव
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : वाराणसी स्थित उदय प्रताप कॉलेज (यूपी कॉलेज) में छात्र की गोली मारकर हत्या के बाद हुए बवाल और तोड़फोड़ के मामले में कॉलेज प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। प्राचार्य प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराते हुए पुलिस से आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद से पूरे परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और शैक्षणिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
घटना का पूरा विवरण
थाना शिवपुर में दी गई तहरीर के अनुसार, 20 मार्च 2026 को सुबह लगभग 11:10 बजे विज्ञान भवन के पोर्टिको में प्राचार्य, मुख्य नियंता और अन्य प्राध्यापक मौजूद थे। इसी दौरान कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के कक्ष संख्या 12 के पास गोली चलने की आवाज सुनाई दी।
आवाज सुनते ही शिक्षक और कर्मचारी मौके पर पहुंचे, जहां बीएसी चतुर्थ सेमेस्टर के छात्र सूर्य प्रताप सिंह गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े मिले। उन्हें तत्काल कॉलेज वाहन से मलदहिया स्थित सिंह मेडिकल एंड रिसर्च सेंटर ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण वहां इलाज से मना कर दिया गया। इसके बाद उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हत्या के बाद भड़का आक्रोश और तोड़फोड़
छात्र की मौत की खबर मिलते ही कॉलेज परिसर में आक्रोश फैल गया। गुस्साए छात्रों ने प्राचार्य आवास पर पहुंचकर उनके निजी वाहन में तोड़फोड़ की। इसके अलावा कॉलेज परिसर के बाहर खड़े शिक्षकों और कर्मचारियों के वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया गया।
स्थिति कुछ समय के लिए नियंत्रण से बाहर हो गई, जिससे कॉलेज में अफरा तफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद पुलिस बल की तैनाती कर हालात को नियंत्रित किया गया।
प्राचार्य की तहरीर और दर्ज मुकदमा
प्राचार्य प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह द्वारा दी गई तहरीर में हॉस्टल और कॉलेज के छात्रों पर उपद्रव करने, तोड़फोड़ करने और कॉलेज की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
लागू धाराएं और संभावित कार्रवाई
छात्रों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिनमें मुख्य रूप से सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, उपद्रव करना और शांति भंग करना शामिल हैं। दोष सिद्ध होने पर संबंधित धाराओं के तहत कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।
पुलिस जांच और तकनीकी साक्ष्य
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि उपद्रव में शामिल छात्रों की पहचान की जा सके। साथ ही, हत्या के मामले की भी अलग से जांच की जा रही है, जिसमें हमलावर की पहचान और घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
परिसर में भय का माहौल, पढ़ाई प्रभावित
इस घटना के बाद कॉलेज में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। छात्र और शिक्षक दोनों ही डरे हुए हैं, जिससे शैक्षणिक वातावरण प्रभावित हुआ है। कई कक्षाएं प्रभावित हुई हैं और प्रशासन स्थिति सामान्य करने की कोशिश में जुटा हुआ है।
प्रशासन की अपील
प्राचार्य ने पुलिस प्रशासन से मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि दोषियों को सजा मिल सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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