अखिलेश यादव का सीएम योगी पर हमला, संतों के अपमान और सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साधा निशाना, कई मुद्दों पर घेरा सरकार को
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रयागराज में शंकराचार्य से जुड़े घटनाक्रम, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज मुकदमे और प्रदेश सरकार की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रयागराज में शंकराचार्य कई दिनों तक धरने पर बैठे रहे, वह भी कड़ाके की सर्दी में। उन्होंने आरोप लगाया कि सनातन परंपरा में कभी किसी संत को स्नान से नहीं रोका गया, लेकिन इस सरकार में ऐसा हुआ। उन्होंने कहा कि अब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को अपमानित करने के लिए 20 वर्ष पुरानी घटना को सामने लाया जा रहा है।
रामभद्राचार्य प्रकरण पर भी टिप्पणी
सपा प्रमुख ने कहा कि यदि शिकायतकर्ता रामभद्राचार्य का शिष्य है तो उनसे गलती हुई कि उन्होंने पहले उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा वापस लिया था। उन्होंने कहा कि उस समय सख्त कार्रवाई करनी चाहिए थी। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि सरकार विचारों के मतभेद को व्यक्तिगत आरोपों तक ले जा रही है।
उन्होंने दावा किया कि संतों का अपमान करने वाली यह सरकार अब ज्यादा दिन नहीं चलने वाली है। जनता सरकार को अस्वीकार कर चुकी है और आगामी मतदान का इंतजार कर रही है। उन्होंने कहा कि जितनी पीड़ा बढ़ेगी, उतना ही पीडीए मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री और डिप्टी सीएम पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि केवल वस्त्र धारण कर लेने से कोई योगी नहीं हो जाता। उन्होंने गीता और गुरुनानक के कथनों का उल्लेख करते हुए कहा कि सच्चा योगी वही है जो दूसरों का दुख अपना समझे।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक पर भी उन्होंने टिप्पणी की और पूछा कि जब शंकराचार्य के साथ कथित अपमानजनक व्यवहार हो रहा था तब वे कहां थे। उन्होंने कहा कि उस समय संगम किनारे जाना चाहिए था।
नदियों के प्रदूषण और विकास कार्यों पर सवाल
अखिलेश यादव ने गोमती, काली और हिंडन नदियों के प्रदूषण का मुद्दा उठाया। उन्होंने टंकियों के फटने, बुलेट ट्रेन की लागत बढ़ने और बनारस को क्योटो बनाने के दावों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि दस वर्षों में जो काम होना चाहिए था, वह नहीं हो पाया।
मुख्यमंत्री द्वारा बजट सत्र के समापन पर रामधारी सिंह दिनकर की कविता का उल्लेख करने पर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह भी जानकारी नहीं है कि वह पंक्ति महाभारत के किस प्रसंग में कही गई थी।
जापान दौरे और अन्य मुद्दों पर तंज
सीएम के जापान दौरे को लेकर भी उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जापान जा रहे हैं, क्योटो नहीं जा रहे। कम से कम वहां जाकर यह सोचें कि पिछले वर्षों में क्या काम होना चाहिए था और क्या नहीं हो पाया।
बदायूं मामले पर उन्होंने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया के जरिए जानबूझकर नफरत फैलाने की कोशिश करते हैं। गोरखपुर के संदर्भ में उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि वहां इलाज के बजाय अन्य गतिविधियां चल रही हैं और हाल की घटनाओं में कई लोगों की आंखों की रोशनी चली गई।
गोशाला और गाय के मुद्दे पर बयान
गोमाता की रक्षा के सवाल पर अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी गोशालाओं में बड़ी संख्या में गायों की सेवा की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता गाय के नाम पर राजनीति करते हैं, लेकिन व्यवहार में प्राथमिकता कुछ और होती है।
प्रेस वार्ता के दौरान सपा समर्थित गीत भी बजाए गए। अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता बदलाव चाहती है और आने वाले समय में इसका असर दिखाई देगा।
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