Mon, 12 Jan 2026 11:41:53 - By : Palak Yadav
पूर्वांचल सहित वाराणसी में ठंड से जुडी स्थिति एक बार फिर करवट लेने वाली है। पिछले तीन दिनों से सक्रिय प्री पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में जो नरमी दिखाई दी थी वह अब धीरे धीरे खत्म होती नजर आ रही है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार यह राहत अस्थायी रही और विक्षोभ के गुजरते ही इसके पीछे से गलन भरी ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों की ओर बढने लगी हैं। अनुमान है कि मंगलवार से मौसम दोबारा बदल सकता है और लोगों को फिर से तीखी गलन का सामना करना पडेगा। फिलहाल अधिकतम और न्यूनतम तापमान में हल्की बढोतरी के कारण ठंड का असर कुछ कम महसूस हो रहा है लेकिन यह स्थिति ज्यादा दिनों तक बनी रहने की संभावना नहीं है।
सोमवार की सुबह वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में हल्के कोहरे का असर देखा गया। इसके साथ ही तापमान में मामूली गिरावट भी दर्ज की गई। हालांकि न्यूनतम तापमान अभी भी दस डिग्री से नीचे बना हुआ है जिससे यह साफ है कि सर्दी का प्रभाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। मौसम में नमी की मौजूदगी और पहाडी क्षेत्रों में हो रही बर्फबारी का असर अब मैदानी हिस्सों तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। पश्चिमी विक्षोभ इस समय पहाडों से होकर गुजर रहा है और इसके कारण वहां की ठंडक और हवाएं धीरे धीरे निचले इलाकों की ओर बढ रही हैं।
मौसम विभाग ने 14 जनवरी के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार जैसे ही पछुआ हवाएं दोबारा प्रभावी होंगी वैसे ही गलन और कोहरे का दौर तेज हो सकता है। सैटेलाइट चित्रों में साफ तौर पर देखा जा रहा है कि एक पश्चिमी विक्षोभ पहाडी क्षेत्रों से गुजर चुका है जबकि दूसरा विक्षोभ आगे बढ रहा है। इसी वजह से मकर संक्रांति के बाद से लेकर जनवरी के अंत तक ठंडी और गलन भरी हवाओं का सिलसिला बना रह सकता है। दिन में खिलने वाली धूप भी इस गलन के प्रभाव को पूरी तरह कम नहीं कर पाएगी। हालांकि धूप निकलने पर ट्रेनों और विमानों के संचालन में कुछ हद तक सुधार की संभावना रहती है।
पिछले चौबीस घंटों के आंकडों पर नजर डालें तो अधिकतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो सामान्य से 0.3 डिग्री ज्यादा है। लंबे समय बाद ऐसा देखा गया है जब अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमान सामान्य से ऊपर रहे हों। इसके साथ ही आर्द्रता का स्तर भी काफी अधिक बना रहा जहां न्यूनतम आर्द्रता 72 प्रतिशत और अधिकतम 95 प्रतिशत दर्ज की गई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में एक बार फिर गलन भरी हवाएं प्रभावी हो सकती हैं और ठंड का असर बढने की पूरी संभावना है।
यह पूर्वानुमान India Meteorological Department के आंकडों और विश्लेषण पर आधारित है।