आईआईटी बीएचयू ने स्टार्टअप सीड फंड समारोह में आठ स्टार्टअप्स को करोड़ों की फंडिंग दी

आईआईटी बीएचयू ने नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आठ स्टार्टअप्स को एक करोड़ अस्सी लाख से अधिक की सीड फंडिंग प्रदान की है।

Tue, 13 Jan 2026 13:27:52 - By : Palak Yadav

वाराणसी स्थित IIT BHU ने नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए स्टार्टअप सीड फंड सम्मान समारोह का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से संस्थान से जुड़े आठ उभरते स्टार्टअप्स को कुल एक करोड अस्सी लाख बत्तीस हजार रुपये की सीड फंडिंग प्रदान की गई। इनमें से छह स्टार्टअप्स को तीस हजार अमेरिकी डॉलर के बराबर राशि और दो स्टार्टअप्स को दस हजार अमेरिकी डॉलर के बराबर वित्तीय सहायता दी गई। इस पहल का उद्देश्य प्रारंभिक चरण में कार्य कर रहे स्टार्टअप्स को मजबूती देना और उन्हें शोध विकास तथा बाजार तक पहुंचने में सहयोग प्रदान करना है।

आईआईटी बीएचयू फाउंडेशन सीड फंड पहल के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम का फोकस नए विचारों को व्यावहारिक उत्पादों में बदलने पर रहा। यह आयोजन आइडिएशन इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन फाउंडेशन और आईआईटी बीएचयू फाउंडेशन के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बताया गया कि यह फंडिंग स्टार्टअप्स को उत्पाद विकास तकनीकी सत्यापन और बाजार में प्रवेश की तैयारी के लिए दी जा रही है ताकि वे अपने नवाचार को व्यावसायिक रूप दे सकें। इस पहल के तहत स्वास्थ्य बायोटेक मेडिकल टेक्नोलॉजी और उन्नत सामग्री जैसे आठ नए क्षेत्रों में शोध और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रोफेसर अमित पात्रा ने कहा कि उद्यमिता किसी भी देश के आर्थिक और सामाजिक विकास का मजबूत आधार होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आईआईटी बीएचयू केवल वित्तीय सहायता तक सीमित नहीं है बल्कि स्टार्टअप्स को मार्गदर्शन उद्योग से जोड़ने और एक सशक्त इनक्यूबेशन पारिस्थितिकी तंत्र उपलब्ध कराने के लिए भी प्रतिबद्ध है। विशिष्ट अतिथि और आईआईटी फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सागर भीमरावरापु ने संस्थान में विकसित हो रहे स्टार्टअप वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि यहां युवाओं को संरचित मेंटरशिप और प्रभावी सहयोग मिल रहा है जो उन्हें आगे बढ़ने में मदद करता है।

इस अवसर पर सम्मानित किए गए स्टार्टअप्स में डेलब्रोने इनोवेशन प्रोफेसर एम के मेशराम के नेतृत्व में कार्यरत है। ट्राइफैन हेल्थकेयर प्रोफेसर प्रदीप पाइक के मार्गदर्शन में विकसित हो रहा है। आर्शटेक इनोवेशंस का नेतृत्व प्रोफेसर राजीव कुमार सिंह कर रहे हैं। ऑक्सास्टोर बायोटेक का संचालन डॉक्टर सुदीप मुखर्जी द्वारा किया जा रहा है। प्रोएमायलॉइडोकेयर डॉक्टर अवनीश सिंह परमार से जुड़ा हुआ है। एल्कोमैट्रिक्स फार्मा डॉक्टर रुचि चावला के नेतृत्व में काम कर रहा है। हृदै मेडिकल टेक्नोलॉजीज का संचालन अब्रा भट्टाचार्य कर रहे हैं जबकि रीमैट टेक्नोलॉजीज वरद मोहन निकम के नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है। ये सभी स्टार्टअप्स अपने अपने क्षेत्रों में नवाचार के जरिए स्वास्थ्य और तकनीक से जुड़ी चुनौतियों के समाधान पर काम कर रहे हैं। कार्यक्रम में आरकेवीवाई रफ्तार इनक्यूबेटर के मुख्य परिचालन अधिकारी डॉक्टर अभिषेक सिंह भी उपस्थित रहे।

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