अस्सी घाट गंगा आरती में अवैध वसूली का आरोप, कुर्सी पर बैठाने के नाम पर 200-300 रुपये लिए जाने का मामला
अमित मिश्रा की रिपोर्ट : वाराणसी के प्रसिद्ध अस्सी घाट पर होने वाली गंगा आरती के दौरान पर्यटकों से अवैध वसूली का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोग श्रद्धालुओं और पर्यटकों से 200 से 300 रुपये लेकर उन्हें कुर्सियों पर बैठाकर आरती दिखाने की व्यवस्था कर रहे हैं। यह मामला तब उजागर हुआ जब एक बुजुर्ग पर्यटक ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो तेजी से वायरल हो गया।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी हलचल
बताया जा रहा है कि गुरुवार को महाराष्ट्र से आए कुछ पर्यटक अस्सी घाट पहुंचे थे। वहां उन्हें जानकारी दी गई कि गंगा आरती को आराम से बैठकर देखने के लिए निर्धारित शुल्क देना होगा। पर्यटकों का आरोप है कि यदि वे पैसे देने से इनकार करते हैं, तो उन्हें आरती देखने से रोका जाता है या असुविधा का सामना करना पड़ता है।
वायरल वीडियो में कथित तौर पर कुछ लोग श्रद्धालुओं से पैसे मांगते दिखाई दे रहे हैं। साथ ही, यह भी आरोप लगाया गया है कि पैसे न देने पर लोगों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
पुलिस ने लिया संज्ञान, जांच शुरू
मामले को गंभीरता से लेते हुए वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने कहा है कि वायरल वीडियो के आधार पर पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि वसूली में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी उठते रहे हैं ऐसे आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्सी घाट पर इस तरह की अवैध वसूली की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक गंगा आरती देखने के लिए यहां पहुंचते हैं, जिसका फायदा उठाकर कुछ लोग अनधिकृत तरीके से पैसे वसूलते हैं।
घाट पर इस तरह की गतिविधियों को लेकर समय-समय पर शिकायतें मिलती रही हैं, लेकिन इस बार वीडियो वायरल होने के बाद मामला ज्यादा गंभीर हो गया है और प्रशासन भी सक्रिय हुआ है।
धार्मिक छवि पर असर
अस्सी घाट की गंगा आरती वाराणसी की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र है। ऐसे में इस तरह की घटनाएं शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक छवि को प्रभावित करती हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि आरती जैसे पवित्र आयोजन को वसूली का माध्यम बनाना गलत है और इससे उनकी आस्था को ठेस पहुंचती है।
सख्त कार्रवाई की मांग
इस मामले के सामने आने के बाद लोगों ने प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि घाटों पर व्यवस्थाओं को पारदर्शी और नियंत्रित किया जाना चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति श्रद्धालुओं का शोषण न कर सके।
पुलिस प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालु बिना किसी भय और परेशानी के गंगा आरती का आनंद ले सकें।
LATEST NEWS