रामसनेहीघाट में 11 हजार वोल्ट लाइन से जुड़े 250 केवीए ट्रांसफार्मर से छह लाख का कापर और तेल चोरी, 300 परिवारों की बिजली गुल
बाराबंकी जिले के रामसनेहीघाट क्षेत्र में ट्रांसफार्मर चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। राष्ट्रीय राजमार्ग लखनऊ अयोध्या के किनारे स्थित गांव धरौली में 11 हजार वोल्ट की लाइन से जुड़े 250 केवीए ट्रांसफार्मर के भीतर से चोरों ने करीब छह लाख रुपये मूल्य का कापर, दो ड्रम तेल और अन्य कीमती उपकरण पार कर दिए। घटना शनिवार देर रात करीब डेढ़ बजे की बताई जा रही है।
घटना के बाद क्षेत्र के लगभग 300 परिवारों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। सुबह सप्लाई ठप होने पर जब बिजली विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे तो ट्रांसफार्मर का कवर खुला मिला और अंदर की सामग्री पूरी तरह गायब थी।
छह माह पहले लगाया गया था ट्रांसफार्मर
धरौली गांव में बिजली आपूर्ति के लिए करीब छह माह पहले 250 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया था। यह ट्रांसफार्मर 11 हजार वोल्ट की लाइन से जुड़ा था। सहायक अभियंता सर्वेश कुमार के अनुसार, लाइन चालू होने के बावजूद चोरों ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया।
उन्होंने बताया कि रात करीब डेढ़ बजे लाइन में ट्रिपिंग हुई थी। बिजली दोबारा छोड़ने में करीब पांच मिनट का समय लगा। आशंका है कि इसी दौरान चोरों ने किसी तकनीकी जानकारी के आधार पर ट्रांसफार्मर को लाइन से अलग कर दिया और अंदर से कापर व अन्य सामग्री निकाल ली।
संगठित गिरोह की आशंका
ट्रांसफार्मर के भीतर से इतनी बड़ी मात्रा में कापर और तेल निकालना साधारण चोरी नहीं माना जा रहा है। विभागीय आकलन के अनुसार ट्रांसफार्मर में करीब छह लाख रुपये का कापर और अन्य उपकरण थे। जिस तरीके से घटना को अंजाम दिया गया, उससे संगठित गिरोह की संलिप्तता की आशंका जताई जा रही है।
इससे पहले राजधानी लखनऊ में भी इसी तरह की ट्रांसफार्मर चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसे में बाराबंकी में हुई वारदात ने बिजली विभाग और पुलिस प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
एफआईआर दर्ज, सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही
बिजली विभाग की ओर से रामसनेहीघाट कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी पहलुओं को भी ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरों को अंदरूनी जानकारी थी या नहीं।
मोबाइल ट्रांसफार्मर से अस्थायी आपूर्ति
एसडीओ ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में अस्थायी राहत के लिए मोबाइल ट्रांसफार्मर के माध्यम से बिजली आपूर्ति शुरू कराई जाएगी। स्थायी समाधान के लिए नए ट्रांसफार्मर की व्यवस्था की जा रही है, जिसे स्थापित करने में दो से तीन दिन का समय लग सकता है।
इस घटना ने ग्रामीण इलाकों में ट्रांसफार्मरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिजली विभाग अब सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
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