प्रयागराज: संगम तट पर शुक्रवार की सुबह वसंत पंचमी के पावन स्नान पर्व के साथ ही माघ मेले ने आस्था का विराट स्वरूप धारण कर लिया। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह तनिक भी कम नहीं हुआ। भोर से ही संगम तट पर हर-हर गंगे और जय मां गंगा के उद्घोष के साथ लाखों श्रद्धालु पवित्र संगम में आस्था की डुबकी लगाते नजर आए। प्रशासन के अनुमान के अनुसार, केवल आज एक से दो करोड़ श्रद्धालुओं के स्नान करने की संभावना है, जबकि वसंत पंचमी से 26 जनवरी तक के चार दिनों में कुल साढ़े तीन करोड़ से अधिक भक्तों के संगम तट पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है।
वसंत पंचमी का यह स्नान पर्व धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन संगम में स्नान करने से ज्ञान, विद्या और पुण्य की प्राप्ति होती है। इस वर्ष श्रद्धालु विशेष रूप से गजकेसरी योग में स्नान का पुण्य लाभ लेने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे हैं। ठिठुरन भरी ठंड, शीतल हवाएं और घना कोहरा भी श्रद्धालुओं की आस्था के आगे बेबस नजर आया। संगम तट पर हर वर्ग, हर आयु और हर प्रदेश से आए श्रद्धालु एक ही भाव में लीन दिखे—पवित्र स्नान और पूजा-अर्चना।
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश के अयोध्या में भी वसंत पंचमी के अवसर पर श्रद्धा का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। सरयू नदी के घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने पवित्र स्नान कर देवी सरस्वती की पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। सरयू तट पर धार्मिक वातावरण के बीच भजन-कीर्तन और मंत्रोच्चार से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए माघ मेला प्रशासन और जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक और चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। मेले में पुलिस, पीएसी, आरएएफ, बीडीएस, यूपी एटीएस के कमांडो और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं। मेला क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सीसीटीवी कैमरों के साथ-साथ ड्रोन कैमरों से भी लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अव्यवस्था या अप्रिय घटना को रोका जा सके।
स्नान घाटों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। संगम सहित सभी प्रमुख घाटों पर जल पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फ्लड कंपनी पीएसी और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वसंत पंचमी के स्नान पर्व पर किसी भी प्रकार का वीआईपी प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा, ताकि आम श्रद्धालुओं को बिना किसी बाधा के स्नान का अवसर मिल सके।
मेला प्रशासन ने चौथे स्नान पर्व वसंत पंचमी को लेकर विशेष तैयारियां की हैं। संगम क्षेत्र में साढ़े तीन किलोमीटर लंबे सुव्यवस्थित स्नान घाट तैयार किए गए हैं, जिससे श्रद्धालुओं को सुगमता और सुरक्षा के साथ स्नान कराया जा सके। साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और चिकित्सा सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। जगह-जगह सहायता केंद्र बनाए गए हैं, जहां स्वयंसेवक और अधिकारी श्रद्धालुओं की मदद में जुटे हुए हैं।
कुल मिलाकर, वसंत पंचमी के अवसर पर प्रयागराज का माघ मेला और अयोध्या का सरयू तट आस्था, विश्वास और भारतीय संस्कृति की जीवंत तस्वीर पेश कर रहे हैं। यह केवल स्नान का पर्व नहीं, बल्कि सनातन परंपराओं, सामूहिक श्रद्धा और सामाजिक समरसता का अनुपम संगम है, जो हर श्रद्धालु के मन में एक अविस्मरणीय अनुभूति छोड़ रहा है।
