शहर में वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है और हवा में मौजूद जहरीली गैसों के स्तर ने लोगों की सेहत पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। कार्बन मोनोआक्साइड और सल्फर डाईआक्साइड के साथ ओजोन का स्तर सामान्य सीमा से ऊपर पहुंच गया है, जिससे सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों की दिक्कतें बढ़ गई हैं। शुक्रवार की रात आठ बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक 202 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। प्रदूषक तत्वों का स्तर बढ़ने के कारण अस्थमा, टीबी और अन्य श्वसन रोगों से पीड़ित मरीजों की सांस उखड़ रही है और उन्हें बेचैनी और घबराहट जैसी समस्याएं हो रही हैं।
सर्द हवा चलने से प्रदूषित कण जमीन के नजदीक जमा होने लगे हैं और इससे शहर में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है। वाहनों की लंबी कतारें, कूड़ा जलने की घटनाएं और लगातार बढ़ती सर्दी के कारण कार्बन मोनोआक्साइड का स्तर 100 से ऊपर पहुंच गया। ओजोन का स्तर 143 दर्ज किया गया जबकि सल्फर डाईआक्साइड का स्तर 17 पर रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी स्थिति में हवा की गुणवत्ता और खराब हो सकती है और इससे सांस लेने में परेशानी और आंखों में जलन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के डॉ संतोष कुमार ने बताया कि हवा में मौजूद कार्बन मोनोआक्साइड, ओजोन और अत्यंत सूक्ष्म कणों के स्तर में बढ़ोतरी के कारण श्वसन रोगियों की स्थिति बिगड़ रही है। पिछले तीन दिनों में 22 मरीजों को सांस लेने में गंभीर दिक्कत होने के कारण अस्पताल में भर्ती करना पड़ा और कई को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखना पड़ा। उनका कहना है कि जिन लोगों को पहले से सांस संबंधी बीमारी है, उन्हें इन दिनों विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
शहर में सबसे अधिक प्रदूषण संजय प्लेस क्षेत्र में दर्ज किया गया जहां रात आठ बजे एक्यूआई 275 तक पहुंच गया। यहां पीएम 2.5 के अत्यधिक स्तर के साथ ओजोन और कार्बन मोनोआक्साइड भी खतरनाक स्तर पर पाए गए। सेक्टर तीन बी आवास विकास में भी एक्यूआई 219 दर्ज किया गया, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। प्रदूषण के साथ ठंड भी बढ़ रही है। सुबह से चली तेज ठंडी हवा के कारण न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री कम होकर 11.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर में धूप निकलने से अधिकतम तापमान 27.2 डिग्री तक पहुंचा, लेकिन शाम होते होते तापमान फिर नीचे गिर गया। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान नौ डिग्री तक पहुंच सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीज, मधुमेह और हृदय रोगी सुबह और रात में टहलने से बचें। धूप निकलने के बाद ही बाहर निकलना बेहतर होगा। प्रदूषित क्षेत्रों में जाने से परहेज करना चाहिए और जरूरत पड़ने पर मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए। शरीर को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनें और पौष्टिक तथा गर्माहट देने वाले आहार का सेवन करें। ठंडा पानी पीने से बचें और उसकी जगह गुनगुना पानी लें ताकि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर न हो।
शहर में बढ़ा वायु प्रदूषण, जहरीली हवा से बढ़ रहीं सांस संबंधी बीमारियां

शहर में वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ा, जहरीली गैसों व खराब AQI से सांस के मरीजों की मुश्किलें बढ़ीं, विशेषज्ञ चिंतित।
Category: environment pollution health
LATEST NEWS
-
वाराणसी: पूर्व सैनिकों के सम्मान पर रार, स्टेशन हेडक्वार्टर पर पक्षपात का आरोप
वाराणसी में इंडियन वेटरन्स ऑर्गेनाइजेशन ने स्टेशन हेडक्वार्टर पर पूर्व सैनिकों से पक्षपात व उपेक्षा का आरोप लगाया।
BY : SANDEEP KR SRIVASTAVA | 13 Jan 2026, 08:53 PM
-
वाराणसी: विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने दी लाखों की सौगात, नाली व सड़क निर्माण कार्यों का किया लोकार्पण और शिलान्यास
विधायक सौरभ श्रीवास्तव ने वाराणसी के रामपुर भीटी में ₹50.55 लाख के सड़क नाली कार्यों का लोकार्पण कर जनता को जलभराव से राहत दी।
BY : SANDEEP KR SRIVASTAVA | 13 Jan 2026, 08:16 PM
-
वाराणसी: रामनगर में जर्जर बिजली तारों के खिलाफ सपा का उग्र प्रदर्शन, एसडीओ ने दिया आश्वासन
रामनगर, वाराणसी में बिजली विभाग की लापरवाही के खिलाफ जनता का प्रदर्शन, एसडीओ ने 2 दिन में मरम्मत का लिखित आश्वासन दिया।
BY : SANDEEP KR SRIVASTAVA | 13 Jan 2026, 04:13 PM
-
आईआईटी बीएचयू ने स्टार्टअप सीड फंड समारोह में आठ स्टार्टअप्स को करोड़ों की फंडिंग दी
आईआईटी बीएचयू ने नवाचार को बढ़ावा देने के लिए आठ स्टार्टअप्स को एक करोड़ अस्सी लाख से अधिक की सीड फंडिंग प्रदान की है।
BY : Palak Yadav | 13 Jan 2026, 01:27 PM
-
केंद्रीय बजट से पहले घाटे का बजट चर्चा में, जानें इसके नफा-नुकसान
एक फरवरी को केंद्रीय बजट पेश होगा, जिसके साथ घाटे के बजट की चर्चा तेज है; यह हमेशा नकारात्मक नहीं होता।
BY : Palak Yadav | 13 Jan 2026, 01:18 PM