कफ सीरप तस्करी मामला: मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया तेज, इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस का अनुरोध
कोडीनयुक्त कफ सीरप तस्करी के बड़े मामले में मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के खिलाफ कार्रवाई अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। करीब दो हजार करोड़ रुपये के इस अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआई) ने इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने का अनुरोध किया है।
दुबई में छिपे आरोपी की गिरफ्तारी की तैयारी
पुलिस के अनुसार शुभम जायसवाल इस समय दुबई में छिपा हुआ है। रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद उसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान चिन्हित हो जाएगी, जिससे गिरफ्तारी और भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार ने बताया कि दुबई पुलिस से संपर्क स्थापित किया गया है और वहां से सहयोग का आश्वासन मिला है। हालात सामान्य होते ही वाराणसी पुलिस की टीम दुबई भेजी जाएगी, जो स्थानीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई करेगी।
फरार आरोपितों पर भी कसा शिकंजा
इस मामले में फरार चल रहे आरोपित प्रशांत उपाध्याय उर्फ लड्डू के खिलाफ भी पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। कोतवाली पुलिस ने उसके घर पर डुगडुगी पिटवाकर मुनादी कराई और आसपास के लोगों को सूचित किया कि यदि आरोपी जल्द न्यायालय में पेश नहीं होता है तो कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
कोतवाली इंस्पेक्टर दया शंकर सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई विधिक प्रक्रिया के तहत की गई है और आगे भी नियमों के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे।
जेल में बंद आरोपियों को वाराणसी लाने की तैयारी
मामले में लखनऊ जेल में बंद आरोपी अमित कुमार सिंह उर्फ अमित टाटा और अमित कुमार यादव को वाराणसी लाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसके लिए अपर जिला जज/एफटीसी (14वां वित्त आयोग) मनोज कुमार की अदालत ने वारंट बी जारी किया है।
विवेचक दयाशंकर सिंह की ओर से प्रस्तुत प्रार्थना पत्र को अदालत ने स्वीकार करते हुए दोनों आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के लिए वाराणसी लाने का आदेश दिया है।
कुर्की की प्रक्रिया भी शुरू
प्रशांत उपाध्याय के खिलाफ कुर्की पूर्व उद्घोषणा की नोटिस जारी करने की अनुमति भी अदालत से मिल गई है। इससे स्पष्ट है कि पुलिस फरार आरोपियों पर लगातार दबाव बना रही है।
अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क पर बड़ा शिकंजा
यह मामला केवल वाराणसी तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराज्यीय स्तर पर फैले एक बड़े नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस नेटवर्क के तार कई राज्यों और विदेश तक फैले हुए हैं।
कोडीनयुक्त कफ सीरप का अवैध इस्तेमाल नशे के रूप में किया जाता है, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो जाता है।
कानून का सख्त संदेश
पुलिस और जांच एजेंसियों की लगातार कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत मिल रहा है कि इस तरह के संगठित अपराधों के खिलाफ सख्ती बरती जा रही है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह भी साबित किया है कि कानून के हाथ लंबे होते हैं और अपराधी चाहे कहीं भी छिपा हो, उसे न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।
देशभर के लिए चेतावनी
कफ सीरप तस्करी का यह मामला पूरे देश के लिए एक चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। इससे यह संदेश जाता है कि नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सरकार और एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और ऐसे अपराधों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आने वाले समय में इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे इस नेटवर्क के अन्य जुड़े लोगों की पहचान भी हो सकेगी।
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