राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के इलाकों में वायु गुणवत्ता में आई आंशिक सुधार को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान के तहत स्टेज तीन में लगाए गए प्रतिबंधों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। यह आदेश 22 जनवरी 2026 से लागू कर दिया गया है। आयोग के अनुसार हाल के दिनों में मौसम की अनुकूल परिस्थितियों और प्रदूषण नियंत्रण उपायों के चलते दिल्ली और एनसीआर की हवा में सुधार दर्ज किया गया है।
आयोग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स अब 322 दर्ज किया गया है। इससे पहले यह स्तर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया था। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने बताया कि हालिया आंकड़ों और पूर्वानुमानों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया है। मौसम विभाग और वैज्ञानिक संस्थानों के अनुसार आने वाले दिनों में भी वायु गुणवत्ता में स्थिरता रहने की संभावना है।
भारतीय मौसम विभाग और IITM के पूर्वानुमान के आधार पर आयोग ने कहा है कि निकट भविष्य में एयर क्वालिटी इंडेक्स मध्यम से खराब श्रेणी के बीच बना रह सकता है। इसी आकलन के आधार पर आयोग की उप समिति ने निष्कर्ष निकाला कि फिलहाल स्टेज तीन के कड़े प्रतिबंधों की जरूरत नहीं है। उल्लेखनीय है कि स्टेज तीन के प्रतिबंध 16 जनवरी 2026 को लागू किए गए थे जिन्हें अब वापस ले लिया गया है।
हालांकि आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान के स्टेज एक और स्टेज दो के तहत लागू सभी नियम पहले की तरह प्रभावी रहेंगे। संबंधित विभागों और एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन चरणों में शामिल प्रदूषण नियंत्रण उपायों को पूरी सख्ती से लागू करें। आयोग का कहना है कि यदि ढिलाई बरती गई तो वायु गुणवत्ता एक बार फिर गंभीर या उससे भी खराब श्रेणी में पहुंच सकती है।
आयोग ने निर्माण और विध्वंस से जुड़ी परियोजनाओं को लेकर भी सख्त रुख अपनाया है। जिन परियोजनाओं को नियमों के उल्लंघन के कारण अलग से बंद करने के आदेश दिए गए थे उन्हें बिना आयोग की विशेष अनुमति के दोबारा शुरू करने की इजाजत नहीं होगी। यह स्पष्ट किया गया है कि स्टेज तीन हटने का मतलब यह नहीं है कि सभी गतिविधियों को खुली छूट मिल गई है।
सर्दियों के मौसम को ध्यान में रखते हुए आयोग ने आम नागरिकों से भी जिम्मेदारी निभाने की अपील की है। नागरिकों से कहा गया है कि वे ग्रेप स्टेज एक और दो के तहत जारी नागरिक चार्टर का पालन करें। अनावश्यक रूप से निजी वाहनों का उपयोग न करें सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें और किसी भी हालत में कचरा या पत्तियां न जलाएं। इन छोटे कदमों से प्रदूषण को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।
आयोग की उप समिति ने यह भी कहा है कि वह दिल्ली एनसीआर की वायु गुणवत्ता पर लगातार नजर बनाए रखेगी। यदि मौसम या अन्य कारणों से हालात दोबारा बिगड़ते हैं तो कड़े प्रतिबंध फिर से लागू किए जा सकते हैं। आयोग ने साफ किया है कि लोगों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता में रखते हुए समय समय पर आवश्यक फैसले लिए जाते रहेंगे।
कुल मिलाकर स्टेज तीन के प्रतिबंध हटने से राहत जरूर मिली है लेकिन आयोग ने यह संकेत भी दे दिया है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। जब तक हवा की गुणवत्ता स्थायी रूप से सुरक्षित स्तर पर नहीं पहुंच जाती तब तक सतर्कता और सख्ती दोनों जरूरी रहेंगी।
