होशियारपुर में पुलिस ने अवैध असला सप्लाई से जुड़े एक संगठित रैकेट का पर्दाफाश करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। मेहटियाना थाना पुलिस ने इस मामले में एक मुख्य आरोपित को गिरफ्तार किया है जबकि रैकेट का मास्टरमाइंड फिलहाल विदेश में बैठा हुआ बताया जा रहा है। पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध हथियारों की तस्करी पर लगाम लगाने की दिशा में अहम सफलता माना जा रहा है।
पुलिस के अनुसार थाना मेहटियाना में अवैध असले के मामले में एक केस दर्ज किया गया है जिसमें दो आरोपितों को नामजद किया गया है। इनमें से एक आरोपित मनीष उर्फ जस्सा प्रधान को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि दूसरा आरोपित परम अभी फरार है और वह वर्तमान में कनाडा में रह रहा है। गिरफ्तार किए गए आरोपित की पहचान मनीष उर्फ जस्सा प्रधान पुत्र धनजीत सिंह निवासी मोना कलां थाना मेहटियाना के रूप में हुई है। वहीं दूसरा आरोपित परम मूल रूप से चब्बेवाल का रहने वाला है और लंबे समय से कनाडा में रह रहा है।
पुलिस ने मनीष की निशानदेही पर जमीन की खुदाई कर तीन देसी पिस्तौल 32 बोर एक मैगजीन और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पूछताछ में सामने आया है कि मनीष लंबे समय से कनाडा निवासी परम के संपर्क में था और उसके निर्देश पर असला एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने का काम करता था। यह पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था ताकि किसी को भी अंतिम उपयोगकर्ता या असले की सप्लाई चेन की पूरी जानकारी न मिल सके।
इस संबंध में जानकारी देते हुए एसआई नवजोत सिंह ने बताया कि कुछ समय पहले मनीष कुमार उर्फ जस्सा प्रधान को नशे की तस्करी के एक मामले में पकड़ा गया था। पूछताछ के दौरान उसने खुलासा किया कि उसका संपर्क कनाडा निवासी परम से है जो इलाके में अवैध असला सप्लाई का नेटवर्क चला रहा है। परम फोन के जरिए मनीष को लोकेशन भेजता था जहां असला पहले से छुपाकर रखा होता था। इसके बाद वह दूसरी लोकेशन भेजता था जहां मनीष को वह असला पहुंचाकर चुपचाप छुपा देना होता था।
मनीष ने पुलिस को बताया कि परम उससे कोड वर्ड में बात करता था और पहले से संकेत दे देता था कि माल पहुंचाना है। इसके बाद लोकेशन भेजी जाती थी। मनीष का काम केवल तय जगह से असला उठाना और अगली बताई गई जगह पर छोड़ आना था। उसे इस बात की कोई जानकारी नहीं होती थी कि असला किसने रखा है और अगली लोकेशन से उसे कौन लेने वाला है। बदले में उसे इस काम के लिए कुछ रकम दी जाती थी।
पुलिस के अनुसार हाल ही में परम ने मनीष को फोन कर बताया था कि असला कोट फतूही नहर के पास भूंगरनी के करीब दबाया गया है। हालांकि अगली सप्लाई लोकेशन अभी नहीं बताई गई थी। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर खुदाई कर हथियार बरामद कर लिए। पुलिस को आशंका है कि यह असला किसी बड़ी वारदात के लिए इस्तेमाल किया जाना था।
एसआई नवजोत सिंह ने बताया कि यह पूरा नेटवर्क पूरी प्लानिंग के साथ चलाया जा रहा था और इसमें कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं। पुलिस अब फरार आरोपित परम की तलाश में जुटी हुई है और विदेश में बैठे उसके नेटवर्क को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस को उम्मीद है कि इस मामले में आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
वहीं एक अन्य मामले में थाना सिटी पुलिस ने भी अवैध हथियारों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। एएसआई मनजीत सिंह ने पुलिस पार्टी के साथ गश्त के दौरान धोबीघाट के पास रमन कुमार उर्फ ठंडू और प्रदीप कुमार उर्फ डम्मरू को संदिग्ध हालत में देखा। पुलिस को देखकर दोनों भागने की कोशिश कर रहे थे लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान उनके पास से एक देसी पिस्तौल 32 बोर एक मैगजीन और दो जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
इन लगातार कार्रवाइयों से साफ है कि पंजाब पुलिस अवैध हथियारों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए गंभीर और सक्रिय है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि असला तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
LATEST NEWS