यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल का खुलासा, गाजीपुर में प्रधानाचार्य और साल्वर गिरफ्तार
एसटीएफ वाराणसी की छापेमारी, हाईस्कूल अंग्रेजी परीक्षा में नकल कराते पकड़े गए आरोपी
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एसटीएफ वाराणसी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भगेलू दास इंटर कॉलेज, बरूवी बहलोलपुर में छापेमारी की। इस कार्रवाई में हाईस्कूल की अंग्रेजी परीक्षा के दौरान नकल कराते हुए प्रधानाचार्य विंध्याचल यादव और एक साल्वर शिवम यादव को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
एसटीएफ को सूचना मिली थी कि उक्त परीक्षा केंद्र पर सुनियोजित तरीके से नकल कराई जा रही है। सूचना की पुष्टि के बाद निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ टीम ने परीक्षा केंद्र पर छापा मारा। जांच के दौरान पाया गया कि परीक्षा कक्ष में बाहरी व्यक्ति को बैठाकर परीक्षार्थियों की मदद कराई जा रही थी।
प्रधानाचार्य पर मिलीभगत का आरोप
प्राथमिक जांच में सामने आया कि प्रधानाचार्य विंध्याचल यादव ने जानबूझकर साल्वर को बुलाया था, ताकि वह परीक्षा में छात्रों को उत्तर लिखवाने या संकेत देने में सहायता कर सके। एसटीएफ अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पूरी योजना के तहत की जा रही थी और परीक्षा की निष्पक्षता को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियां शिक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं। परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। नकल कराने की घटनाएं छात्रों के परिश्रम और योग्यता के साथ अन्याय करती हैं।
दुल्लहपुर थाने में मुकदमा दर्ज
गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने दोनों आरोपियों के खिलाफ दुल्लहपुर थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस प्रकरण में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
एसटीएफ का कहना है कि यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर निगरानी और कड़ी कर दी गई है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
नकल पर सख्ती का संदेश
यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल की समस्या लंबे समय से चिंता का विषय रही है। हर वर्ष परीक्षा के दौरान कहीं न कहीं नकल के प्रयास सामने आते रहे हैं। हालांकि इस बार एसटीएफ और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से सख्त निगरानी व्यवस्था लागू की है।
गाजीपुर में की गई इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि परीक्षा की पवित्रता से समझौता करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। शिक्षा व्यवस्था में ईमानदारी और अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है।
एसटीएफ की इस कार्रवाई को शिक्षा जगत में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए आगे भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
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