गोरखपुर सीवरेज परियोजना को कैबिनेट मंजूरी, अमृत-2.0 के तहत ₹721.40 करोड़ की योजना

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अमृत-2.0: गोरखपुर में ₹721.40 करोड़ की सीवरेज परियोजना को कैबिनेट से मंजूरी।

गोरखपुर में शहरी आधारभूत संरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अटल नवीकरण और शहरी रूपान्तरण मिशन 2.0 (अमृत-2.0) के तहत गोरखपुर की बहुप्रतीक्षित सीवरेज परियोजना को गुरुवार को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई। यह परियोजना सीवरेज योजना जोन-ए-3 से जुड़ी है, जिसकी कुल स्वीकृत लागत ₹721.40 करोड़ है।

इस परियोजना का उद्देश्य नगर निगम क्षेत्र में सीवेज प्रबंधन को सुदृढ़ करना, स्वच्छता स्तर में सुधार लाना और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना है। इसके लागू होने के बाद नगर निगम के 17 वार्डों की लगभग 1.95 लाख से अधिक आबादी को सीवरेज सुविधा का सीधा लाभ मिलेगा।

लागत और अंशदान का विवरण

नगर निगम गोरखपुर की इस परियोजना की कुल अनुमोदित लागत ₹721.40 करोड़ है, जिसमें ₹27.28 करोड़ सेंटेज के रूप में शामिल हैं। परियोजना में वित्तीय सहभागिता इस प्रकार तय की गई है:

भारत सरकार का अंश: ₹231.35 करोड़

राज्य सरकार का अंश: ₹435.00 करोड़

निकाय का अंश: ₹27.76 करोड़

सेंटेज की पूरी राशि राज्य सरकार वहन करेगी। केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त भागीदारी से इस नगरीय विकास योजना को गति मिलेगी, जिसे सहयोगात्मक मॉडल का अच्छा उदाहरण माना जा रहा है।

17 वार्डों की आबादी को मिलेगा सीधा लाभ

परियोजना के क्रियान्वयन के बाद नगर निगम क्षेत्र के 17 वार्डों से निकलने वाले सीवेज का वैज्ञानिक तरीके से शोधन और निस्तारण किया जाएगा। इसके तहत 43,604 गृह संयोजनों के माध्यम से कुल 1,95,947 लोगों को सीवरेज सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

यह योजना गोरखपुर शहर में स्वच्छता, बेहतर पर्यावरण और उन्नत शहरी जीवन स्तर सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। इसके पूरा होने से शहर की शहरी व्यवस्था अधिक व्यवस्थित और टिकाऊ बनने की उम्मीद है