हरियाणवी लोक कला जगत को बड़ा झटका, लोकप्रिय रागिनी गायक पेप्सी शर्मा का हार्ट अटैक से निधन
गाजियाबाद: हरियाणवी लोक संगीत और रागिनी जगत के लोकप्रिय कलाकार पेप्सी शर्मा का रविवार को हृदयाघात से निधन हो गया। वह लगभग 40 वर्ष के थे। उनके अचानक निधन की खबर से हरियाणवी लोक कला जगत, संगीत प्रेमियों और उनके हजारों प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई है। सोमवार को उनके पैतृक गांव में अंतिम दर्शन के लिए लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। दूर दराज से पहुंचे प्रशंसकों और शुभचिंतकों ने अपने प्रिय कलाकार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
पेप्सी शर्मा का वास्तविक नाम यशपाल शर्मा था। वह गाजियाबाद के निवाड़ी क्षेत्र स्थित पतला गांव के निवासी थे। बताया गया कि रविवार को उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। परिजन उन्हें तत्काल एक निजी अस्पताल लेकर रवाना हुए, लेकिन रास्ते में ही उनकी तबीयत और बिगड़ गई। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर के सामने आते ही उनके प्रशंसकों और लोक संगीत से जुड़े कलाकारों में शोक की लहर फैल गई।
गांव की गलियों से निकलकर बने लोक मंचों के चमकते सितारे
पेप्सी शर्मा ने बेहद साधारण परिवेश से निकलकर हरियाणवी लोक कला की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई थी। बचपन से ही उन्हें गायन का शौक था। महज 12 वर्ष की आयु से उन्होंने विभिन्न मंचों पर रागिनी गाना शुरू कर दिया था। उनकी मेहनत, समर्पण और कला के प्रति जुनून ने उन्हें धीरे धीरे लोक मंचों का लोकप्रिय चेहरा बना दिया।
करीब ढाई दशक तक उन्होंने हरियाणवी रागिनी और लोक संस्कृति की सेवा की। उनकी दमदार आवाज, प्रस्तुति की शैली और दर्शकों से सीधे संवाद स्थापित करने की कला ने उन्हें हजारों लोगों का चहेता कलाकार बना दिया। हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली एनसीआर में होने वाले बड़े रागिनी कार्यक्रमों में उनकी विशेष मांग रहती थी।
गायकी के साथ कॉमिक अंदाज ने दिलाई अलग पहचान
पेप्सी शर्मा केवल एक गायक नहीं थे बल्कि मंच के ऐसे कलाकार थे जो अपनी प्रस्तुति के दौरान दर्शकों को हंसाने और बांधे रखने की अनूठी क्षमता रखते थे। उनकी कॉमिक टाइमिंग और सहज संवाद शैली लोगों को बेहद पसंद आती थी। रागिनी के बीच उनके हास्यपूर्ण अंदाज और मनोरंजक प्रस्तुतियां कार्यक्रमों की विशेष पहचान बन जाती थीं। यही कारण था कि ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर बड़े आयोजनों तक उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती गई।
सपना चौधरी के साथ मंच साझा कर बटोरी थी सुर्खियां
हरियाणवी मनोरंजन जगत की चर्चित कलाकार सपना चौधरी के साथ भी पेप्सी शर्मा ने कई मंच साझा किए थे। उनके कार्यक्रमों के अनेक वीडियो सोशल मीडिया और डिजिटल मंचों पर लोकप्रिय हुए। एक कार्यक्रम में नागिन डांस प्रस्तुति के दौरान उनकी प्रस्तुति को दर्शकों ने इतना पसंद किया कि वह लंबे समय तक चर्चा का विषय बनी रही। संबंधित वीडियो को करोड़ों लोगों ने देखा और इसने उन्हें नई पहचान दिलाई।
टेलीविजन पर कार्यक्रम प्रसारित होने के बाद बढ़ी लोकप्रियता
परिवार के अनुसार जब पहली बार उनका कार्यक्रम टेलीविजन पर प्रसारित हुआ तो लोगों को उनकी बढ़ती लोकप्रियता का व्यापक रूप से पता चला। तब तक यशपाल शर्मा हरियाणवी रागिनी जगत में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर चुके थे। उनकी प्रस्तुतियों को गांवों, कस्बों और शहरों में समान रूप से पसंद किया जाता था।
उनके बड़े भाई बब्बू शर्मा के अनुसार बचपन से ही उन्हें संगीत और लोक संस्कृति से विशेष लगाव था। गाजियाबाद से होने के बावजूद हरियाणवी भाषा, लोक परंपराओं और रागिनी शैली के प्रति उनका समर्पण उन्हें अन्य कलाकारों से अलग बनाता था।
परिवार और प्रशंसकों के लिए अपूरणीय क्षति
पेप्सी शर्मा पांच भाइयों में चौथे नंबर पर थे। उनके परिवार में पत्नी, 10 वर्षीय बेटी और 7 वर्षीय पुत्र हैं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में शोक का माहौल है और उनके घर पर संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है।
लोक संगीत प्रेमियों का कहना है कि पेप्सी शर्मा केवल एक कलाकार नहीं बल्कि हरियाणवी लोक संस्कृति की जीवंत पहचान थे। उनकी आवाज, उनकी शैली और उनका सहज व्यक्तित्व लंबे समय तक लोगों की स्मृतियों में जीवित रहेगा। उनके निधन से हरियाणवी रागिनी जगत ने अपना एक लोकप्रिय और प्रतिभाशाली कलाकार खो दिया है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में संभव नहीं दिखाई देती।
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