चंदौली: चकिया/प्रधानी चुनाव से पहले खून की साजिश, प्रेम संबंधों के विवाद और अपमान का बदला लेने के लिए युवक की कुल्हाड़ी से हत्या, 36 घंटे में खुलासा
चंदौली: चकिया थाना क्षेत्र के शिकारगंज चौकी अंतर्गत जोगिया कला गांव में युवक की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर सनसनीखेज खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आई कहानी ने पूरे इलाके को हैरान कर दिया है। प्रारंभिक जांच के दौरान जहां मामला सामान्य हत्या का प्रतीत हो रहा था, वहीं गहन पड़ताल में प्रेम संबंधों के विवाद, सामाजिक प्रतिष्ठा, सार्वजनिक अपमान और बदले की भावना का ऐसा जाल सामने आया जिसने एक व्यक्ति की जान ले ली।
पुलिस के अनुसार आरोपी ने अपनी सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचने और गांव में लगातार हो रही बेइज्जती से आक्रोशित होकर हत्या की पूरी योजना बनाई थी। घटना को अंजाम देने के बाद उसने हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी को खेत में छिपा दिया और खुद को संदेह से दूर रखने के लिए सामान्य दिनचर्या का दिखावा करता रहा। हालांकि पुलिस की तकनीकी और स्थानीय स्तर की जांच ने आखिरकार पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।
चारपाई पर सो रहे युवक की बेरहमी से कर दी गई हत्या
मामला पांच और छह जून की मध्यरात्रि का है। जोगिया कला गांव निवासी बेचई उर्फ बृजेश यादव उम्र लगभग 34 वर्ष अपने घर के बाहर चारपाई पर सो रहे थे। रात के सन्नाटे में उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया। गर्दन पर किए गए जानलेवा वार से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सुबह घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में सनसनी फैल गई। परिजनों और ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुट गई जबकि सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
जमीनी विवाद से शुरू हुई जांच, प्रेम संबंधों तक पहुंची पुलिस
घटना के बाद पुलिस ने हत्या के पीछे जमीनी विवाद, पारिवारिक रंजिश और अन्य संभावित कारणों की जांच शुरू की। गांव के लोगों से पूछताछ, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और तकनीकी तथ्यों के विश्लेषण के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण जानकारी मिली जिसने जांच की दिशा बदल दी।
जांच में पता चला कि मृतक की पत्नी और गांव के ही सुनील यादव उर्फ कवि के बीच पिछले कई वर्षों से कथित प्रेम संबंधों की चर्चा थी। इसको लेकर परिवार में विवाद भी होता था। बताया गया कि घटना से लगभग एक सप्ताह पहले पति पत्नी के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद महिला अपने बच्चों के साथ मायके चली गई थी।
गांव में चर्चा और सार्वजनिक आरोपों से बढ़ा विवाद
पुलिस के अनुसार पत्नी के घर छोड़कर जाने के बाद बेचई उर्फ बृजेश यादव ने गांव में आरोपी और उसके कथित संबंधों को लेकर खुलकर बातें करनी शुरू कर दी थीं। यह बातें धीरे धीरे पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गईं। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी सुनील यादव आगामी प्रधानी चुनाव की तैयारियों में भी सक्रिय था। ऐसे में गांव में हो रही चर्चाओं और आरोपों को वह अपनी प्रतिष्ठा और सामाजिक छवि पर सीधा आघात मानने लगा था।
पुलिस का कहना है कि लगातार हो रही सार्वजनिक आलोचना और कथित अपमान से आरोपी के मन में गहरा आक्रोश पैदा हो गया। इसी दौरान उसने बदला लेने का निर्णय लिया और हत्या की साजिश तैयार कर डाली।
अहरौरा से खरीदी कुल्हाड़ी, फिर रची हत्या की पूरी योजना
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना वाले दिन वह अहरौरा गया था, जहां उसने एक लोहार की दुकान से लोहे की धारदार कुल्हाड़ी खरीदी। गांव लौटने के बाद उसने सामान्य व्यवहार किया और रात में अपने खेत पर जाकर सो गया। देर रात जब गांव में सन्नाटा छा गया तो वह कुल्हाड़ी लेकर चोरी छिपे मृतक के घर पहुंचा।
पुलिस के अनुसार उस समय बेचई गहरी नींद में चारपाई पर सो रहा था। आरोपी ने मौका देखते ही उसकी गर्दन पर कुल्हाड़ी से जोरदार वार कर दिया। जांच में यह भी सामने आया कि मृतक किसी प्रकार शोर न मचा सके, इसके लिए आरोपी ने उसका ही गमछा फाड़कर उसके मुंह में ठूंस दिया था। वार इतना गंभीर था कि मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद खेत में छिपाया हथियार
हत्या करने के बाद आरोपी सीधे अपने खेत पर पहुंचा और वहां कुल्हाड़ी को जमीन में गाड़कर छिपा दिया। इसके बाद वह सामान्य तरीके से वहीं सो गया ताकि किसी को उस पर संदेह न हो। सुबह गांव में हत्या की खबर फैलने के बाद भी वह खुद को सामान्य दिखाने का प्रयास करता रहा।
मुखबिर की सूचना से खुला राज
घटना के बाद पुलिस लगातार संदिग्ध व्यक्तियों और परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए थी। तकनीकी साक्ष्यों के साथ स्थानीय स्तर पर जुटाई गई सूचनाओं ने जांच को आगे बढ़ाया। रविवार की शाम लगभग आठ बजे पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली, जिसके आधार पर मोकरम बंधी के पास घेराबंदी कर आरोपी सुनील यादव उर्फ कवि को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने खेत में छिपाकर रखी गई हत्या में प्रयुक्त लोहे की धारदार कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली।
पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार
हत्या जैसे गंभीर मामले का 36 घंटे के भीतर सफल अनावरण करने पर पुलिस अधीक्षक ने जांच टीम की सराहना की है। साथ ही पूरे मामले का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है और आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।
जोगिया कला गांव में हुई यह घटना एक बार फिर इस बात को सामने लाती है कि व्यक्तिगत विवाद, सामाजिक तनाव और आपसी रंजिश जब नियंत्रण से बाहर हो जाती है तो उसके परिणाम कितने गंभीर और दुखद हो सकते हैं। फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस सनसनीखेज खुलासे की चर्चा बनी हुई है।
LATEST NEWS