बसपा विधायक उमाशंकर सिंह से जुड़े ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी, प्रदेश की राजनीति में हलचल
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब बहुजन समाज पार्टी के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह से जुड़े विभिन्न ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी की कार्रवाई सामने आई। खनवर गांव स्थित उनके पैतृक आवास, फार्म हाउस और प्लांट परिसर में एक साथ टीम ने दबिश दी। स्थानीय सूत्रों के अनुसार इस कार्रवाई में करीब 24 अधिकारी शामिल रहे। सुबह से ही फार्म हाउस के अंदरूनी गेट बंद कर जांच शुरू कर दी गई, जबकि बाहर सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस बल तैनात रहा। प्रशासनिक सतर्कता के बीच इलाके में आवाजाही सीमित कर दी गई, जिससे ग्रामीणों में चर्चा का माहौल बना रहा।
खनवर गांव में दिन भर चली जांच
ग्रामीणों के अनुसार सुबह तीन से चार गाड़ियों में कुछ अधिकारी परिसर के भीतर पहुंचे। प्रारंभ में लोगों ने इसे सामान्य गतिविधि समझा, लेकिन बाद में आयकर विभाग की कार्रवाई की पुष्टि होने पर स्थिति स्पष्ट हुई। फार्म हाउस के बाहर कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा रही। हालांकि अधिकारियों की ओर से किसी भी प्रकार का आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। जांच के दौरान परिसर के भीतर किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
कार्रवाई के दौरान विधायक के अनुज और छात्र शक्ति इंफ्राकंस्ट्रक्शन के निदेशक रमेश सिंह कुछ समय के लिए बाहर निकलते दिखाई दिए। उन्होंने मीडिया से दूरी बनाए रखी और किसी भी प्रश्न का उत्तर देने से इनकार किया। सूत्रों का कहना है कि टीम वित्तीय लेन देन से जुड़े दस्तावेज, संपत्ति संबंधी अभिलेख और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है।
लखनऊ स्थित आवास पर भी कार्रवाई
इसी बीच लखनऊ के गोमतीनगर स्थित विपुल खंड में विधायक के आवास और कार्यालय पर भी छापेमारी की सूचना सामने आई। इस खबर के बाद खनवर गांव में चल रही जांच को लेकर चर्चाएं और तेज हो गईं। बताया जा रहा है कि विभिन्न परिसरों से दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड एकत्र किए जा रहे हैं। हालांकि विभाग की ओर से अब तक किसी भी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि या विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और स्वास्थ्य स्थिति
उमाशंकर सिंह वर्तमान में बहुजन समाज पार्टी के एकमात्र विधायक हैं, जिससे इस कार्रवाई को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार वह गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और कैंसर के चलते उनके दो बड़े ऑपरेशन हो चुके हैं। फिलहाल वह लखनऊ स्थित अपने आवास पर उपचार के दौरान आइसोलेशन में हैं। ऐसे समय में आयकर विभाग की छापेमारी ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दिया है।
राज्य में आगामी विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में इस कार्रवाई को कई लोग महत्वपूर्ण घटनाक्रम के रूप में देख रहे हैं। हालांकि आधिकारिक बयान के अभाव में कार्रवाई के कारणों और संभावित निष्कर्षों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। फिलहाल पूरे मामले पर राजनीतिक दलों और स्थानीय नागरिकों की नजर बनी हुई है। आयकर विभाग की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक जानकारी के बाद ही पूरे प्रकरण की दिशा स्पष्ट हो सकेगी।
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