कानपुर: शहर में कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यशैली को लेकर उठे सवालों के बीच शनिवार की शाम पुलिस महकमे में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली। भाजपा पदाधिकारियों की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद दो दरोगा और दो सिपाहियों को उनके वर्तमान दायित्वों से हटा दिया गया है। संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस कार्रवाई को पुलिस प्रशासन की सख्ती और जवाबदेही की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
दरअसल, शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर और सांसद रमेश अवस्थी के साथ हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में भाजपा पदाधिकारियों ने कई थाना क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल खड़े किए थे। बैठक में पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मी आम लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं, नशीले पदार्थों की बिक्री को संरक्षण दिया जा रहा है, अपराधियों से सांठगांठ है और अवैध वसूली का धंधा फल-फूल रहा है। पदाधिकारियों ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि यदि इन शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई तो जनता में गलत संदेश जाएगा। इस पर पुलिस कमिश्नर ने निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
भाजपा पदाधिकारियों ने विशेष रूप से बर्रा क्षेत्र का मामला उठाते हुए आरोप लगाया कि वहां दरोगा अंकित कसाना और सिपाही अंकुर विहान की शह पर अवैध रूप से हुक्का बार संचालित किया जा रहा है। इसके अलावा स्वरूपनगर थाना क्षेत्र में तैनात दरोगा रविंद्र राणा और सिपाही सोनू पर अवैध वसूली में संलिप्त होने के गंभीर आरोप लगाए गए। पदाधिकारियों का कहना था कि इन गतिविधियों से क्षेत्र की छवि धूमिल हो रही है और अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।
इतना ही नहीं, भाजपा नेताओं ने दामोदर नगर, बर्रा आठ, गुजैनी, नौबस्ता और बसंत विहार क्षेत्रों में महिलाओं द्वारा खुलेआम नशीले पदार्थों की बिक्री होने की शिकायत भी दर्ज कराई। वहीं विराट चौक के केडीए क्षेत्र में बिना लाइसेंस शराब की बिक्री का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठाया गया। इन शिकायतों को गंभीर मानते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लिया।
कर्नलगंज चौकी इंचार्ज पवन कुमार के कार्य और आचरण को लेकर भी सवाल खड़े किए गए, हालांकि इस संबंध में जांच की प्रक्रिया अलग स्तर पर जारी बताई जा रही है। कार्रवाई की पुष्टि करते हुए डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि दरोगा अंकित कसाना और सिपाही अंकुर विहान को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया गया है। वहीं डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि स्वरूपनगर थाने के दरोगा रविंद्र राणा और सिपाही सोनू को भी उनके चार्ज से हटा दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ संकेत दिए हैं कि पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता, भ्रष्टाचार या अपराधियों से मिलीभगत किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद शहर में पुलिस व्यवस्था को लेकर एक सख्त संदेश गया है कि शिकायतें चाहे किसी भी स्तर की हों, उन पर गंभीरता से कार्रवाई होगी।
