उत्तराखंड के पवित्र तीर्थ केदारनाथ धाम में लगातार तीसरे दिन भारी बर्फबारी होने से पूरी केदारपुरी सफेद चादर में ढक गई है। चारों ओर जमी बर्फ के कारण केदारनाथ धाम का दृश्य चांदी सा चमकता नजर आ रहा है। मंगलवार और बुधवार की रातभर हुई बर्फबारी के बाद तापमान शून्य से नीचे चला गया है, लेकिन इसके बावजूद पुलिस और आईटीबीपी के जवान लगातार मोर्चा संभाले हुए हैं और सुरक्षा के साथ साथ आवश्यक व्यवस्थाएं बनाए रखने में जुटे हैं।
भारी बर्फबारी के चलते आवासीय कॉटेज और बैरकों पर कई फीट तक बर्फ जम गई थी। जवानों ने दिनभर फावड़े और अन्य उपकरणों की मदद से बर्फ हटाने का कार्य किया ताकि आवासीय परिसरों को सुरक्षित रखा जा सके। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और अत्यधिक ठंड के बीच जवानों ने न केवल केदारनाथ धाम की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखा बल्कि संपर्क मार्गों से बर्फ हटाकर आपातकालीन सेवाओं को भी निर्बाध बनाए रखा। कम आक्सीजन और लगातार गिरते तापमान के बावजूद जवानों का मनोबल ऊंचा बना हुआ है।
बर्फबारी के कारण जब तीर्थस्थल के भीतर और आसपास आवाजाही बाधित होने लगी तो सुरक्षा बलों ने कई घंटों तक लगातार श्रम कर रास्तों को साफ किया। केदारनाथ धाम में तैनात जवान दोहरी जिम्मेदारी निभाते हुए एक ओर सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखे हुए हैं तो दूसरी ओर बर्फ हटाकर जरूरी ढांचों को सुरक्षित बना रहे हैं। कठिन मौसम के बीच उनकी सतर्कता के चलते किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी बनाए रखी गई है।
उधर बर्फबारी के चलते बंद हुआ ऊखीमठ चोपता मंडल मोटरमार्ग अब यातायात के लिए सुचारु कर दिया गया है। मार्ग से बर्फ हटाकर वाहनों की आवाजाही बहाल कर दी गई है। इसके साथ ही चिरबटिया और घिमतोली क्षेत्रों में भी जमा बर्फ को साफ कर दिया गया है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि मौसम पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन तैनात किए जाएंगे।
लगातार हो रही बर्फबारी के बीच केदारनाथ धाम में तैनात सुरक्षा बलों का जज्बा और समर्पण एक बार फिर देखने को मिला है। विषम परिस्थितियों में भी जवान श्रद्धा के इस प्रमुख केंद्र की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को बनाए रखने में पूरी तत्परता से जुटे हुए हैं।
