माघ मेला: वसंत पंचमी स्नान पर संगम में 2 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु, इमरजेंसी प्लान लागू

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मैं मृदुल कुमार तिवारी (आकाश), एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हूं, जो वर्तमान में 'न्यूज़ रिपोर्ट' के मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हूं। पत्रकारिता के...
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वसंत पंचमी स्नान पर्व पर संगम और आसपास के घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब।

वसंत पंचमी के पावन अवसर पर प्रयागराज में आयोजित माघ मेला में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। चौथे प्रमुख स्नान पर्व पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ संगम क्षेत्र की ओर बढ़ी तो मेला प्रशासन को इमरजेंसी प्लान लागू करना पड़ा। शुक्रवार सुबह से ही संगम और आसपास के घाटों पर श्रद्धालुओं का दबाव लगातार बढ़ता गया। प्रशासन के अनुसार सुबह आठ बजे तक एक करोड़ चार लाख से अधिक श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके थे जबकि दोपहर बारह बजे तक यह संख्या बढ़कर लगभग दो करोड़ दस लाख तक पहुंच गई। आस्था की इस अभूतपूर्व भीड़ के बीच सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए कई मार्गों को अस्थायी रूप से बंद किया गया।

माघ मेला में पौष पूर्णिमा मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या के बाद वसंत पंचमी का स्नान पर्व विशेष महत्व रखता है। साफ आसमान और हल्की धूप के बीच गंगा मैया का नाम लेते हुए श्रद्धालु बसों ट्रेनों और निजी वाहनों से प्रयागराज पहुंचे। इसके बाद पैदल ही लोग गंगा यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम की ओर बढ़ते नजर आए। गुरुवार देर रात से ही शंख ध्वनि घंटा घड़ियाल और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संगम में स्नान का क्रम शुरू हो गया था जिससे पूरे मेला क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण बन गया।

शुक्रवार सुबह संगम पर अचानक भीड़ का दबाव बढ़ने से प्रशासन को त्वरित निर्णय लेने पड़े। काली मार्ग सहित कई प्रमुख रास्तों पर आवागमन रोक दिया गया और संगम अपर मार्ग को बैरियर लगाकर बंद किया गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्नानार्थियों को ऐरावत स्नान घाट की ओर डायवर्ट किया गया। कुछ समय के लिए संगम घाट को खाली कराया गया और स्थिति सामान्य होने के बाद पुनः स्नान की अनुमति दी गई। मेला प्रशासन का अनुमान है कि वसंत पंचमी के दिन दो करोड़ से अधिक श्रद्धालु स्नान करेंगे।

पूरे मेला क्षेत्र में लगभग तीन दशमलव उनहत्तर किलोमीटर की परिधि में फैले सोलह स्नान घाटों पर श्रद्धालुओं की कतारें नजर आईं। कोई दंड कमंडल लिए तो कोई गठरी और झोला कंधे पर डाले संगम की ओर बढ़ रहा था। जय गंगा मैया हर हर महादेव और जय श्रीराम के गगनभेदी जयघोष से वातावरण गुंजायमान रहा। मेला क्षेत्र की पार्किंग खाली स्थानों और पटरियों पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने अस्थायी डेरा जमा लिया।

भीड़ को देखते हुए मेला क्षेत्र में वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। संगम पांटून पुलों और प्रवेश मार्गों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। पुलिस के साथ साथ पैरामिलिट्री बल होमगार्ड एनडीआरएफ सिविल डिफेंस और यूपी एसटीएफ के जवान तैनात किए गए हैं। अन्य स्नान घाटों पर एसडीएम की तैनाती की गई है जबकि प्रमुख चौराहों और मार्गों पर मजिस्ट्रेटों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मेला और शहर के आसपास सोलह होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं जहां सवा दो लाख से अधिक लोगों को आवश्यकता पड़ने पर रोका जा सकता है।

मेलाधिकारी ऋषिराज ने बताया कि वसंत पंचमी के स्नान पर्व पर माघ मेला क्षेत्र में अपार आस्था का दृश्य देखने को मिल रहा है। संगम सहित सभी स्नान घाटों पर सुरक्षा और सुविधाओं के विशेष इंतजाम किए गए हैं। अधिकारियों और कर्मचारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन को आने वाले दिनों में अचला सप्तमी सप्ताहांत और छब्बीस जनवरी के अवकाश के कारण भीड़ और बढ़ने की संभावना है जिसके लिए पहले से व्यापक तैयारियां की गई हैं।

मैं मृदुल कुमार तिवारी (आकाश), एक समर्पित और अनुभवी पत्रकार हूं, जो वर्तमान में 'न्यूज़ रिपोर्ट' के मुख्य संपादक के रूप में कार्यरत हूं। पत्रकारिता के क्षेत्र में मेरी यात्रा पिछले 12 वर्षों से जारी है, जहां मैंने सच्चाई, पारदर्शिता और निष्पक्षता को अपनी पत्रकारिता का मूल आधार बनाया है। मेरे कार्य की विशेषता केवल समाचारों की रिपोर्टिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि समसामयिक घटनाओं का गहन विश्लेषण और सामाजिक सरोकारों की संवेदनशील प्रस्तुति भी उसमें शामिल है। मैंने हमेशा तथ्यों की गहराई में जाकर, बिना किसी पूर्वाग्रह के समाचारों को प्रस्तुत करने का प्रयास किया है, जिससे पाठकों को न केवल जानकारी मिले, बल्कि वे जागरूकता और जिम्मेदारी की ओर प्रेरित भी हों। न्यूज़ रिपोर्ट के संपादकीय नेतृत्व में, मेरा निरंतर प्रयास रहा है कि पत्रकारिता के उच्चतम नैतिक मानकों को स्थापित किया जाए। मेरी पूरी टीम के साथ मिलकर हम यह सुनिश्चित करते हैं कि 'न्यूज़ रिपोर्ट' सिर्फ एक न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार सामाजिक आवाज़ बनकर उभरे।