प्रयागराज: 9 वर्षीय आयुष के जबड़े का पुनर्निर्माण, दुर्लभ एमेलोब्लास्टोमा ट्यूमर की सफल सर्जरी

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प्रयागराज में दुर्लभ सर्जरी की मिसाल, नौ वर्षीय आयुष के जबड़े का सफल पुनर्निर्माण

प्रयागराज स्थित स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी सफलता हासिल की है। यहां नौ वर्षीय बालक आयुष के जबड़े में मौजूद दुर्लभ एमेलोब्लास्टोमा ट्यूमर की जटिल सर्जरी कर उसे नया जीवन दिया गया। करीब आठ घंटे तक चली इस सर्जरी में ट्यूमर से प्रभावित जबड़े को निकालकर पैर की हड्डी की मदद से नया जबड़ा तैयार किया गया। सफल इलाज के बाद आयुष अब तेजी से स्वस्थ हो रहा है और उसे अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है।

जानकारी के अनुसार आयुष पिछले करीब एक वर्ष से चेहरे के बाएं हिस्से में सूजन और दर्द की समस्या से जूझ रहा था। 25 दिसंबर को उसे स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के कैंसर सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया। विस्तृत जांच के दौरान डॉक्टरों ने बाएं जबड़े में एमेलोब्लास्टोमा नामक दुर्लभ ट्यूमर की पुष्टि की। यह ट्यूमर बच्चों में बहुत कम पाया जाता है और समय पर इलाज न होने पर चेहरे की बनावट और सामान्य जीवन पर गंभीर असर डाल सकता है।

29 दिसंबर को कैंसर सर्जन डॉ राजुल अभिषेक और प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ मोहित जैन के नेतृत्व में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने यह जटिल ऑपरेशन किया। सर्जरी के दौरान ट्यूमर से ग्रस्त जबड़े को पूरी तरह हटाया गया और माइक्रोवैस्कुलर तकनीक की मदद से पैर की फिबुला हड्डी से जबड़े का पुनर्निर्माण किया गया। यह प्रक्रिया बच्चों में बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जाती है क्योंकि इसमें चेहरे की बनावट के साथ चबाने और बोलने की क्षमता को भी सुरक्षित रखना जरूरी होता है।

डॉ राजुल अभिषेक ने बताया कि इस सर्जरी का उद्देश्य केवल ट्यूमर को हटाना नहीं था बल्कि बच्चे को भविष्य में सामान्य जीवन देने पर भी पूरा ध्यान रखा गया। उन्होंने लोगों से अपील की कि शरीर में कहीं भी लंबे समय तक बनी रहने वाली गांठ या सूजन को नजरअंदाज न करें और समय रहते जांच जरूर कराएं क्योंकि शुरुआती पहचान से इलाज सरल हो जाता है और जान का खतरा भी टल जाता है।

सर्जरी के बाद आयुष की हालत तेजी से बेहतर होती गई और छह जनवरी को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। अस्पताल प्रशासन ने इस सफलता के लिए सर्जिकल एनेस्थीसिया नर्सिंग और पुनर्वास टीम के समन्वित प्रयासों की सराहना की है। डॉक्टरों का कहना है कि यह सर्जरी न केवल आयुष के लिए बल्कि भविष्य में ऐसे दुर्लभ मामलों के इलाज के लिए भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण साबित होगी।

एमेलोब्लास्टोमा जबड़े की हड्डी में होने वाला एक दुर्लभ ट्यूमर है जो प्रायः निचले जबड़े को प्रभावित करता है। यह धीरे धीरे बढ़ता है लेकिन समय पर इलाज न हो तो चेहरे की असमानता और बोलने चबाने में गंभीर दिक्कतें पैदा कर सकता है। सर्जरी इसका मुख्य उपचार है और आवश्यकता पड़ने पर जबड़े का पुनर्निर्माण भी किया जाता है।