महाराष्ट्र में विमान दुर्घटना में उपमुख्यमंत्री सहित पांच की मौत, जौनपुर की फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली भी शहीद
बारामती महाराष्ट्र. बुधवार सुबह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और चार अन्य लोगों की एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई है। यह हादसा बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान हुआ जब चार्टर्ड बिजनेस जेट लीयरजेट 45 रनवे पर उतरने की कोशिश कर रहा था और नियंत्रण खो बैठा। दुर्घटना के परिणामस्वरूप विमान धधक उठा और उसमें सवार सभी लोग बच नहीं सके। इनमें जौनपुर की निवासी फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली भी शामिल थीं, जिनके निधन से उनके घर और समुदाय में गहरा शोक है।
घटना बुधवार सुबह करीब 09 बजकर 12 मिनट के आसपास हुई जब विमान मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से उड़ान भरकर बारामती पहुंचा। अधिकारियों के अनुसार लैंडिंग के दौरान विमान रनवे से फिसलकर एक खुले भाग में गिरा और जोरदार टक्कर के बाद आग में घिर गया। विमान में कुल पांच लोग सवार थे और किसी भी यात्री या चालक दल का बचना संभव नहीं रहा। मृतकों में उपमुख्यमंत्री अजीत पवार, उनके निजी सुरक्षा अधिकारी, दो पायलट और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली शामिल हैं।
पिंकी माली जौनपुर जिले के केराकत तहसील की रहने वाली थीं और उन्होंने लगभग छह वर्षों तक फ्लाइट अटेंडेंट के रूप में काम किया था। जानकारों का कहना है कि वह अपनी नौकरी में समर्पित और मेहनती थीं तथा अक्सर यात्रियों की सेवा में अग्रणी रहती थीं। दुर्घटना की खबर मिलते ही उनके घर में मातम फैल गया और परिवार के सदस्य तथा स्थानीय लोग दुख व्यक्त करते रहे। उनकी मौत से स्थानीय समुदाय में गहरा शोक है और कई लोग उनके परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया है कि यह खास चार्टर्ड विमान Learjet 45XR था, जिसकी अधिकतम गति 870 किलोमीटर प्रति घंटा थी और यह लगभग 3700 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता था। इस विमान को VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित किया गया था। विमान बारामती में उतरने से पहले नियंत्रित रूप से लैंडिंग की कोशिश कर रहा था लेकिन वह रनवे तक पहुंचने में असफल रहा और दुर्घटनाग्रस्त हो गया। आग लगने और विस्फोट के कारण घटनास्थल पर बचाव कार्य भी चुनौतीपूर्ण रहा।
घटना के बाद महाराष्ट्र सरकार ने तीन दिनों का राजकीय शोक घोषित किया है और मुख्यमंत्री एवं अन्य वरिष्ठ नेताओं ने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। नागरी विमानन महानिदेशालय (DGCA) और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने तुरंत दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है ताकि यह पता चल सके कि यह हादसा खराब मौसम, तकनीकी खराबी या किसी अन्य कारण से हुआ। अधिकारियों का कहना है कि जांच का अंतिम निष्कर्ष आने के बाद ही स्पष्ट कारण सामने आएगा।
पिंकी माली की मौत ने विमानन क्षेत्र में काम करने वाले कर्मियों की जोखिम भरी परिस्थितियों पर भी सवाल उठाए हैं। विमानन विशेषज्ञों का मानना है कि रनवे स्थितियों और मौसम का प्रभाव अक्सर कम दृश्यता में लैंडिंग को चुनौतीपूर्ण बनाता है, और इसके लिए विशेष सावधानियों की आवश्यकता होती है। दुर्घटना की जांच से मिलने वाली जानकारी आने वाले समय में इसी तरह की घटनाओं को रोकने में मदद कर सकती है।
