गंगा नदी पर आरा बलिया और छपरा को जोड़ने वाले पक्के पुल के निर्माण की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना को लेकर क्षेत्र में उम्मीदें बढ़ने लगी हैं क्योंकि यह पुल उत्तर प्रदेश और बिहार के महत्वपूर्ण हिस्सों को सीधे जोड़ने वाला मार्ग बनेगा। प्रस्तावित फोरलेन पुल राष्ट्रीय राजमार्ग 31 उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय राजमार्ग 922 बिहार को आपस में जोड़ेगा जिससे दोनों राज्यों के बीच आवागमन अधिक सुगम हो सकेगा। यह पुल महुली गंगा घाट पर प्रस्तावित है और इसके लिए लगभग बारह सौ करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत होने की बात सामने आ रही है।
आरा बलिया और छपरा सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से एक दूसरे से गहराई से जुड़े रहे हैं लेकिन गंगा नदी पर स्थायी पुल के अभाव में इन क्षेत्रों के बीच दूरी बनी रही। आज भी लोगों को नाव या लंबे वैकल्पिक मार्गों पर निर्भर रहना पड़ता है जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती है। ऐसे में पक्के पुल का निर्माण न केवल संपर्क को मजबूत करेगा बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी नई दिशा देगा।
जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग 31 उत्तर प्रदेश के करण छपरा क्षेत्र से और राष्ट्रीय राजमार्ग 922 बिहार के आरा क्षेत्र से जुड़ते हुए इस पुल के माध्यम से एक सीधा मार्ग तैयार किया जाएगा। पुल के निर्माण को लेकर यह भी चर्चा है कि महुली गंगा घाट को इसके लिए चुना गया है ताकि दोनों राज्यों के प्रमुख मार्गों को सहज रूप से जोड़ा जा सके। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने से बैरिया से आरा की दूरी केवल एक घंटे में तय की जा सकेगी।
पूर्व सांसद Virendra Singh Mast के हवाले से यह जानकारी सामने आई है कि पहले इस पुल को दो लेन में बनाने की योजना थी लेकिन सड़क परिवहन विभाग अब इसे फोरलेन के रूप में विकसित करना चाहता है। इसी कारण परियोजना की लागत में भी वृद्धि हुई है और अनुमानित राशि छह सौ करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग बारह सौ करोड़ रुपये हो गई है। फोरलेन पुल बनने से भविष्य में बढ़ते यातायात को भी आसानी से संभाला जा सकेगा।
खवासपुर क्षेत्र के स्थानीय निवासी गांधी जी यादव ने बताया कि पूर्व सांसद ने अपने सोनबरसा स्थित कार्यालय से जानकारी दी थी कि उन्होंने सड़क परिवहन मंत्री से इस विषय में बातचीत की है। मंत्री की ओर से आश्वासन दिया गया है कि वर्ष 2026 में महुली गंगा घाट पर पुल निर्माण का कार्य शुरू कराया जाएगा। इसके साथ ही इस परियोजना से जुड़ी निविदा प्रक्रिया भी जून 2026 में पूरी किए जाने की तैयारी है।
प्रस्तावित मार्ग के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग 31 करण छपरा क्षेत्र से शोभा छपरा लक्ष्मण छपरा और धतुरी टोला होते हुए खवासपुर के रास्ते महुली गंगा घाट तक पहुंचेगा। यहां से गंगा नदी पर पुल बनाकर इसे बिहार की ओर पटना बक्सर फोरलेन मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग 922 से जोड़ा जाएगा। यदि यह योजना समय पर पूरी होती है तो आरा बलिया और छपरा के बीच न केवल दूरी कम होगी बल्कि व्यापार शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी पहले से कहीं अधिक आसान हो जाएगी।
