अयोध्या पहुंचे प्रवीण तोगड़िया, राम मंदिर और समाज की एकता पर दिया बयान

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अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद प्रवीण तोगड़िया ने मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना की।

अयोध्या: राम मंदिर आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया रविवार को रामनगरी अयोध्या पहुंचे। अपने दौरे के दौरान उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला का विधिवत दर्शन-पूजन किया। दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने मंदिर निर्माण को लेकर गहरी संतुष्टि जाहिर करते हुए कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण अत्यंत भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित ढंग से किया गया है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए आस्था और संस्कृति का मजबूत केंद्र बनेगा।

प्रवीण तोगड़िया ने बताया कि राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव और उनके पुराने सहयोगी चंपत राय उनसे मिले और करीब एक घंटे तक उन्हें पूरे मंदिर परिसर का भ्रमण कराया। इस दौरान मंदिर की वास्तुकला, शिल्पकला और व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि मंदिर निर्माण में हर छोटी-बड़ी बात पर विशेष ध्यान दिया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जूता-चप्पल रखने, मोबाइल फोन और अन्य सामान सुरक्षित रखने जैसी व्यवस्थाएं बेहद व्यवस्थित और आधुनिक तरीके से की गई हैं।

उन्होंने मंदिर प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा का ध्यान रखना एक बड़ी चुनौती होती है, लेकिन यहां व्यवस्थाएं देखकर यह स्पष्ट होता है कि प्रबंधन ने इस जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाया है। तोगड़िया ने कहा कि यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक गौरव का भी प्रतीक बनेगा।

इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। प्रवीण तोगड़िया ने कहा कि किसी भी नीति या नियम बनाते समय यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि समाज में विभाजन न हो। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हिंदू समाज को बंटना नहीं चाहिए और समाज की एकता बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। सरकार से उन्होंने अपील की कि निर्णय लेते समय सभी वर्गों की भावनाओं का सम्मान किया जाए, ताकि किसी की आस्था या भावना को ठेस न पहुंचे।

प्रयागराज में अनशन पर बैठे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए तोगड़िया ने कहा कि जो कुछ हुआ, वह नहीं होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि संत समाज सदैव समाज को दिशा और मार्गदर्शन देने का कार्य करता है और उन्हें सम्मान मिलना चाहिए। किसी भी परिस्थिति में संतों के सम्मान से समझौता नहीं होना चाहिए।

अयोध्या दौरे के दौरान प्रवीण तोगड़िया के बयान धार्मिक, सामाजिक और शैक्षणिक मुद्दों पर संतुलित दृष्टिकोण को दर्शाते हैं। राम मंदिर की व्यवस्थाओं की सराहना के साथ-साथ उन्होंने समाज की एकता और सौहार्द बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, जिसे लेकर उनके बयान को व्यापक चर्चा के रूप में देखा जा रहा है।