काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में स्मार्ट चश्मे से वीडियो वायरल सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में शशांक पाठक नाम के यूजर के गर्भगृह में प्रवेश करने और मेटा के स्मार्ट चश्मे की मदद से बाबा विश्वनाथ को दूध चढ़ाते हुए वीडियो बनाए जाने की बात सामने आई है। वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया था, हालांकि बाद में संबंधित पोस्ट को डिलीट कर दिया गया। मामले की जानकारी सामने आने के बाद मंदिर प्रशासन सक्रिय हुआ है और पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जा रही है।
गर्भगृह में मोबाइल और कैमरा ले जाने पर है रोक
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में गर्भगृह में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षा कर्मियों की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए जाते हैं कि मोबाइल फोन कैमरा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण गर्भगृह के भीतर नहीं ले जाए जाएं। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सतर्कता बरती जाती है। ऐसे में स्मार्ट चश्मे जैसे उपकरण के माध्यम से गर्भगृह के भीतर वीडियो रिकॉर्ड किए जाने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी और जांच प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में गर्भगृह के भीतर से बाबा विश्वनाथ को दूध चढ़ाने का दृश्य दिखाई देने की बात सामने आई है। इसके अलावा मंदिर परिसर के बाहर शिखर के साथ सेल्फी से जुड़ी तस्वीरों और वीडियो को लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है। इस पूरे घटनाक्रम ने यह सवाल खड़ा किया है कि जब सामान्य श्रद्धालुओं को गर्भगृह में मोबाइल और कैमरा ले जाने की अनुमति नहीं होती तो स्मार्ट चश्मे के माध्यम से रिकॉर्डिंग करने वाला व्यक्ति सुरक्षा जांच से कैसे गुजर गया।
एसडीएम शंभू शरण ने जांच के दिए निर्देश
मामले को गंभीरता से लेते हुए श्री काशी विश्वनाथ धाम के एसडीएम शंभू शरण ने जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और पुलिस को भी निर्देशित किया जा रहा है कि सुरक्षा में चूक कैसे हुई इसकी पड़ताल की जाए। साथ ही आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित व्यक्ति मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था के किस स्तर से होकर गर्भगृह तक पहुंचा और स्मार्ट चश्मे के जरिए वीडियो रिकॉर्ड करने में सफल कैसे हुआ।
वायरल वीडियो ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन और पूजन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में गर्भगृह के भीतर से रिकॉर्ड किया गया वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद सुरक्षा जांच की प्रभावशीलता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। खासतौर पर तब जब सुरक्षा कर्मियों की ओर से गर्भगृह में मोबाइल और कैमरा नहीं ले जाने के निर्देश दिए जाते हैं।
इस घटना के बाद यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या सुरक्षा जांच के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की पहचान के लिए इस्तेमाल की जाने वाली व्यवस्था स्मार्ट चश्मे जैसे आधुनिक उपकरणों को पकड़ने में सक्षम है। हालांकि इस संबंध में अभी मंदिर प्रशासन की विस्तृत जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इसलिए सुरक्षा में चूक के कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। जांच पूरी होने के बाद ही घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
श्रद्धालुओं के साथ सुरक्षा नियमों के पालन पर जोर
काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए अलग अलग स्तर पर व्यवस्थाएं लागू हैं। गर्भगृह में मोबाइल फोन और कैमरा ले जाने पर रोक का उद्देश्य मंदिर की व्यवस्था बनाए रखना और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना है। यदि जांच में यह सामने आता है कि किसी व्यक्ति ने जानबूझकर सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर रिकॉर्डिंग की तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद अब लोगों की नजर मंदिर प्रशासन और पुलिस की जांच पर है। श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा विश्वनाथ के गर्भगृह जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा नियमों का समान रूप से पालन होना चाहिए। आम श्रद्धालुओं से यदि मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बाहर रखने को कहा जाता है तो किसी भी व्यक्ति को विशेष सुविधा के आधार पर नियमों से अलग नहीं रखा जाना चाहिए।
जांच के बाद सामने आएगी सुरक्षा में चूक की पूरी तस्वीर
फिलहाल वायरल वीडियो और सामने आई जानकारी के आधार पर मंदिर प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। एसडीएम शंभू शरण की ओर से पुलिस को सुरक्षा में हुई संभावित चूक की जांच और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की बात कही गई है। अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि संबंधित व्यक्ति गर्भगृह तक किस प्रक्रिया के तहत पहुंचा और मेटा के स्मार्ट चश्मे से वीडियो रिकॉर्ड करने के बावजूद सुरक्षा कर्मियों की नजर उस पर क्यों नहीं पड़ी।
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है और यहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर विषय मानी जाती है। वायरल वीडियो ने एक बार फिर मंदिर के भीतर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी को लेकर चर्चा तेज कर दी है। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस घटना में सुरक्षा व्यवस्था के किस स्तर पर चूक हुई और भविष्य में ऐसी घटना रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।
LATEST NEWS