वाराणसी/सोनभद्र: जनपद सोनभद्र में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के तहत SIT ने अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावशाली कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस प्रकरण में मुख्य अभियुक्त भोला प्रसाद द्वारा अपराध से अर्जित लगभग ₹28 करोड़ 50 लाख की चल-अचल संपत्तियों को माननीय न्यायालय के आदेश पर कुर्क किया गया है। यह कार्रवाई न केवल आर्थिक रूप से बल्कि संगठित मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क को जड़ से कमजोर करने की दिशा में एक बड़ा संदेश मानी जा रही है।
पुलिस अधीक्षक सोनभद्र श्री अभिषेक वर्मा के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक श्री अनिल कुमार के पर्यवेक्षण में थाना रॉबर्ट्सगंज पर पंजीकृत मु0अ0सं0–1191/2025 के तहत यह प्रकरण दर्ज है। मामला बीएनएस की विभिन्न गंभीर धाराओं सहित एनडीपीएस एक्ट की धारा 27-ए व 29 से जुड़ा है, जो संगठित मादक पदार्थ तस्करी और षड्यंत्र को दर्शाता है। SIT की गहन विवेचना में यह स्पष्ट हुआ कि अभियुक्त भोला प्रसाद ने कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध सप्लाई के लिए एक संगठित सिंडिकेट खड़ा कर रखा था, जिससे भारी मात्रा में अवैध धन अर्जित किया गया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि मुख्य अभियुक्त भोला प्रसाद पुत्र स्व. रामदयाल, निवासी कायस्थ टोला, प्रह्लाद घाट, वाराणसी, विदेश पलायन की कोशिश में था। इसी क्रम में उसे दमदम एयरपोर्ट, कोलकाता से गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार सोनभद्र भेजा गया। गिरफ्तारी के बाद SIT ने उसकी आर्थिक गतिविधियों, बैंक खातों, वाहनों और अचल संपत्तियों की विस्तृत पड़ताल की, जिसमें करोड़ों रुपये की अवैध संपत्ति का खुलासा हुआ।
SIT द्वारा संकलित साक्ष्यों के आधार पर धारा 107 बीएनएसएस के तहत कुर्की की रिपोर्ट माननीय न्यायालय में प्रस्तुत की गई। न्यायालय ने पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर 22 जनवरी 2026 को अभियुक्त की अपराध से अर्जित संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश पारित किया। आदेश के अनुपालन में 23 जनवरी 2026 को जिलाधिकारी वाराणसी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी (न्यायिक) पिंडरा की उपस्थिति में क्षेत्राधिकारी नगर सोनभद्र श्री रणधीर कुमार मिश्रा के नेतृत्व में SIT सोनभद्र और सोनभद्र पुलिस ने वाराणसी में कुर्की की कार्रवाई शुरू की।
कुर्क की गई संपत्तियों में Indian Bank, सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय शाखा, वाराणसी के चार बैंक खातों में जमा लाखों रुपये की धनराशि, एक लग्जरी Mercedes-Benz GLS-450D 4MATIC वाहन तथा वाराणसी के प्रमुख इलाकों में स्थित करोड़ों रुपये मूल्य के तीन आवासीय भवन शामिल हैं। अचल संपत्तियां अभियुक्त की पत्नी शारदा जायसवाल के नाम पर पंजीकृत पाई गईं, जिनकी खरीद और निर्माण में अपराध से अर्जित धन के उपयोग की पुष्टि जांच में हुई।
विशेष रूप से भेलूपुर क्षेत्र स्थित तुलसीपुर वार्ड में लगभग ₹23 करोड़ मूल्य की अचल संपत्ति, जो एक व्यापारिक प्रतिष्ठान के रूप में दर्ज है, इस कुर्की अभियान का सबसे बड़ा हिस्सा मानी जा रही है। यह संपत्ति हाल ही में वर्ष 2025 में पंजीकृत हुई थी, जिसने जांच एजेंसियों का ध्यान और अधिक आकर्षित किया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई केवल एक अभियुक्त के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरे संगठित मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क के विरुद्ध एक कड़ा और निर्णायक कदम है। सोनभद्र पुलिस और SIT ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी नशे के कारोबार से जुड़े अपराधियों के खिलाफ कठोरतम विधिक कार्रवाई जारी रहेगी और अपराध से अर्जित संपत्तियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद नशा तस्करी से जुड़े नेटवर्क में हड़कंप मचा हुआ है। प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर इसे कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने वाली मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।
