यूपी बोर्ड परीक्षा: 2.98 लाख छात्र अनुपस्थित, पांच साल्वर और तीन नकलची पकड़े गए
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की शुक्रवार को आयोजित परीक्षा में बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। कुल 51,22,005 पंजीकृत छात्र-छात्राओं में से 2,98,959 अनुपस्थित रहे। इनमें 1,28,769 वे छात्र शामिल हैं जो इंटरमीडिएट की अंग्रेजी परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए पंजीकृत थे, लेकिन परीक्षा देने नहीं पहुंचे।
प्रथम पाली में 1.70 लाख से अधिक अनुपस्थित
शुक्रवार को प्रथम पाली में हाईस्कूल सामाजिक विज्ञान तथा इंटरमीडिएट कृषि शस्य विज्ञान प्रथम प्रश्नपत्र (कृषि भाग-1) और षष्ठम प्रश्नपत्र (कृषि भाग-2) की परीक्षा आयोजित की गई। इस पाली में कुल 27,67,087 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 1,70,190 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा नहीं दी।
दूसरी पाली में अंग्रेजी परीक्षा, बड़ी संख्या में गैरहाजिर
दूसरी पाली में इंटरमीडिएट अंग्रेजी विषय की परीक्षा आयोजित हुई। इसके लिए 23,54,918 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इनमें से 1,28,769 छात्र परीक्षा में अनुपस्थित रहे। अंग्रेजी विषय में अनुपस्थिति की यह संख्या विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
पांच साल्वर पकड़े गए, मुकदमा दर्ज
परीक्षा के तीसरे दिन पांच साल्वरों को दूसरे परीक्षार्थियों के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़ा गया। यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह के अनुसार प्रथम पाली में गोरखपुर और प्रतापगढ़ तथा द्वितीय पाली में झांसी, कन्नौज और एटा में एक-एक साल्वर पकड़ा गया। इन सभी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है।
अब तक कुल 11 साल्वर पकड़े जा चुके हैं। इनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 के तहत कार्रवाई की गई है।
तीन परीक्षार्थी नकल करते पकड़े गए
इसके अलावा हाईस्कूल में दो तथा इंटरमीडिएट में एक परीक्षार्थी को अनुचित साधनों का प्रयोग करते हुए पकड़ा गया। प्रथम पाली में फिरोजाबाद और मैनपुरी में एक-एक तथा द्वितीय पाली में कन्नौज में एक परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़ा गया।
अब तक कुल सात परीक्षार्थियों को नकल करते हुए पकड़ा जा चुका है। बोर्ड प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सख्त निगरानी जारी रहेगी।
कड़ी निगरानी में परीक्षा
बोर्ड अधिकारियों के अनुसार सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, स्टैटिक मजिस्ट्रेट और उड़नदस्तों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। अनुचित साधनों के प्रयोग और साल्वरों पर रोक लगाने के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
बोर्ड प्रशासन ने दोहराया है कि परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
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