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उत्तर प्रदेश संस्कृत बोर्ड परीक्षाएं 19 फरवरी से होंगी शुरू, 56 हजार छात्र शामिल

उत्तर प्रदेश संस्कृत बोर्ड परीक्षाएं 19 फरवरी से होंगी शुरू, 56 हजार छात्र शामिल

उत्तर प्रदेश संस्कृत शिक्षा परिषद की हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और डिप्लोमा परीक्षाएं 19 फरवरी से 28 फरवरी तक होंगी, 56 हजार से अधिक छात्र शामिल होंगे।

उत्तर प्रदेश संस्कृत शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षाएं इस वर्ष 19 फरवरी से प्रारंभ होकर 28 फरवरी तक आयोजित की जाएंगी। इन परीक्षाओं में प्रदेश के 1102 संस्कृत विद्यालयों से 56 हजार से अधिक छात्र छात्राएं शामिल होंगे। हाईस्कूल इंटरमीडिएट और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों के लिए यह परीक्षा सत्र अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परिषद की ओर से तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है और परीक्षा के सुचारू आयोजन के लिए प्रदेश भर में व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं।

परिषद द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार हाईस्कूल स्तर पर 21 हजार 906 छात्र पंजीकृत हैं। इंटरमीडिएट प्रथम वर्ष में 19 हजार 751 और इंटरमीडिएट द्वितीय वर्ष में 14 हजार 145 छात्र परीक्षा देंगे। इसके अतिरिक्त डिप्लोमा पाठ्यक्रम में 556 विद्यार्थी शामिल होंगे। इस प्रकार कुल परीक्षार्थियों की संख्या 56 हजार से अधिक है। छात्रों की बढ़ती संख्या को संस्कृत शिक्षा के प्रति बढ़ते रुझान के रूप में देखा जा रहा है।

परीक्षाओं के निष्पक्ष और पारदर्शी संचालन के लिए प्रदेश में लगभग 250 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के साथ वेबकास्टिंग की भी व्यवस्था की गई है ताकि नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित की जा सके। परीक्षा दो पालियों में संपन्न होगी। पहली पाली सुबह 8 बजकर 30 मिनट से 11 बजकर 45 मिनट तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजकर 15 मिनट तक चलेगी। परीक्षा की शुरुआत 19 फरवरी को अनिवार्य संस्कृत विषय के प्रश्नपत्र से होगी।

परिषद ने परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं ताकि छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचें और अपने प्रवेश पत्र तथा पहचान पत्र साथ लेकर आएं। साथ ही परीक्षा के दौरान अनुशासन बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि से दूर रहने की अपील की गई है।

संस्कृत शिक्षा परिषद का मानना है कि यह परीक्षा न केवल छात्रों के शैक्षणिक मूल्यांकन का माध्यम है बल्कि संस्कृत भाषा और संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। परिषद ने शिक्षकों और अभिभावकों से सहयोग की अपेक्षा जताई है ताकि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। 19 फरवरी से शुरू होने वाली ये बोर्ड परीक्षाएं छात्रों के लिए अपनी मेहनत और ज्ञान को साबित करने का एक अहम अवसर होंगी।

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