काशी में एक घंटे में तीन लाख पौधरोपण का लक्ष्य
वाराणसी: एक बार फिर अपनी ऐतिहासिक पहचान से आगे बढ़ते हुए पर्यावरण संरक्षण के वैश्विक मानचित्र पर एक नई मिसाल कायम करने की तैयारी में है। आगामी एक मार्च को डोमरी क्षेत्र में नगर निगम द्वारा एक विशेष वृक्षारोपण अभियान प्रस्तावित किया गया है, जिसमें एक घंटे के भीतर तीन लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस पहल का उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं बल्कि वाराणसी को पर्यावरणीय दृष्टि से एक आदर्श शहर के रूप में विकसित करना है। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार यह आयोजन शहर के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा सामूहिक पौधरोपण कार्यक्रम होगा।
महापौर की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक
इस महाअभियान की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए बुधवार को एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता वाराणसी नगर निगम की महापौर ने की। बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान महापौर ने कहा कि वाराणसी को केवल स्मार्ट सिटी तक सीमित नहीं रखा जाएगा बल्कि उसे ग्रीन सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान केवल प्रशासनिक पहल नहीं बल्कि जन सहभागिता पर आधारित होगा, जिसमें स्कूल कॉलेजों के छात्र, स्वयंसेवी संगठन और स्थानीय नागरिक भाग लेंगे।
भूमि चिन्हांकन और पौधों की देखरेख की योजना
जिलाधिकारी ने बैठक में जानकारी दी कि डोमरी क्षेत्र में पौधरोपण के लिए भूमि का चिन्हांकन कर लिया गया है और गड्ढे खोदने का कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने कहा कि पौधरोपण के बाद उनकी सुरक्षा और नियमित देखभाल के लिए अलग से कार्ययोजना बनाई गई है। प्रशासन का उद्देश्य केवल एक दिन में पौधे लगाना नहीं बल्कि उन्हें लंबे समय तक जीवित रखकर शहर की हरियाली को स्थायी रूप से बढ़ाना है। इसके लिए नगर निगम की ओर से निगरानी तंत्र भी विकसित किया जा रहा है ताकि पौधों की नियमित सिंचाई और संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर पुलिस का फोकस
इतने बड़े आयोजन के दौरान सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर पुलिस विभाग ने भी अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पुलिस आयुक्त ने बताया कि हजारों लोगों की भागीदारी को देखते हुए विशेष यातायात योजना तैयार की जा रही है ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आयोजन स्थल के आसपास पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी और आपात सेवाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन का प्रयास है कि पूरा कार्यक्रम अनुशासित और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो।
छायादार और औषधीय पौधों को प्राथमिकता
नगर आयुक्त के अनुसार इस अभियान में नीम पीपल पाकड़ और बरगद जैसे छायादार तथा औषधीय गुणों वाले पौधों को प्राथमिकता दी जा रही है। इन वृक्षों से आने वाले वर्षों में पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा और शहरवासियों को स्वच्छ हवा के साथ बेहतर जीवन गुणवत्ता मिलेगी। अधिकारियों का कहना है कि पौधों का चयन स्थानीय जलवायु और मिट्टी की स्थिति को ध्यान में रखकर किया गया है ताकि उनके जीवित रहने की संभावना अधिक हो।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में वाराणसी की पहल
डोमरी में प्रस्तावित यह वृक्षारोपण अभियान वाराणसी के लिए एक नया अध्याय साबित हो सकता है। धर्म संस्कृति और अध्यात्म की नगरी अब पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भी अपनी पहचान मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। यदि यह लक्ष्य हासिल होता है तो यह पहल अन्य शहरों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। प्रशासन का मानना है कि जन भागीदारी के बिना किसी भी पर्यावरणीय पहल को स्थायी सफलता नहीं मिल सकती और इसी सोच के साथ इस अभियान को एक जन आंदोलन का स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है।
नगर निगम की आधिकारिक जानकारी
इस अभियान से जुड़ी विस्तृत जानकारी और प्रशासनिक निर्देश नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराए गए हैं। नागरिक चाहें तो वाराणसी नगर निगम की वेबसाइट https://varanasi.nic.in पर जाकर अभियान से संबंधित अद्यतन सूचनाएं प्राप्त कर सकते हैं।
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