वाराणसी: बैंककर्मियों की हड़ताल से ठप रहा बैंकिंग कामकाज, ग्राहकों को झेलनी पड़ी परेशानी

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हड़ताल के चलते वाराणसी की कई बैंक शाखाओं में नकद लेन-देन और अन्य सेवाएं ठप रहीं।

वाराणसी: पाँच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था (5-Day Banking) की मांग को लेकर देशभर के बैंक कर्मचारियों की हड़ताल का असर वाराणसी में भी व्यापक रूप से देखने को मिला। आज सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों सहित कई निजी बैंकों के कर्मचारी हड़ताल पर रहे, जिससे शहर के अधिकांश बैंक शाखाओं में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। नकद लेन-देन, चेक क्लीयरेंस, पासबुक अपडेट, ऋण संबंधी कार्य और शाखाओं से जुड़ी अन्य सेवाएं प्रभावित रहीं।

बैंक यूनियनों के अनुसार 22–23 जनवरी को बैंक प्रबंधन और कर्मचारी संगठनों के बीच हुई बैठक में किसी भी मुद्दे पर सहमति नहीं बन सकी। इसी के चलते कर्मचारियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया। यूनियनों का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों, विशेषकर पाँच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था को लागू करने को लेकर ठोस निर्णय न होने से कर्मचारियों में नाराजगी है। उनका तर्क है कि अन्य सरकारी और कई निजी संस्थानों में पहले से ही पाँच दिवसीय कार्य प्रणाली लागू है, ऐसे में बैंककर्मियों को भी समान सुविधा मिलनी चाहिए।

हड़ताल और अवकाशों के कारण बैंक लगातार चार दिनों तक बंद रहे। 24 जनवरी शनिवार को बैंक पहले से ही बंद थे, 25 जनवरी रविवार की साप्ताहिक छुट्टी रही और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस का राष्ट्रीय अवकाश रहा। इसके साथ ही हड़ताल के चलते ग्राहकों को लगातार कई दिनों तक बैंकिंग सेवाओं से वंचित रहना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, पेंशनधारकों, छोटे व्यापारियों और दैनिक नकद लेन-देन पर निर्भर लोगों को हुई।

हालांकि, डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे एटीएम, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग आंशिक रूप से चालू रहीं, लेकिन नकद निकासी और शाखा से जुड़े कार्यों के लिए लोगों को वैकल्पिक इंतजाम करने पड़े। कई एटीएम में नकदी की कमी की शिकायतें भी सामने आईं।

बैंक प्रशासन के अनुसार, 28 जनवरी से बैंकों में सामान्य रूप से कामकाज शुरू हो जाएगा। शाखाओं में लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि ग्राहकों को जल्द से जल्द राहत मिल सके। वहीं, बैंक यूनियनों ने स्पष्ट किया है कि यदि मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।

फिलहाल वाराणसी सहित पूरे देश के बैंक ग्राहक 28 जनवरी से नियमित बैंकिंग सेवाएं बहाल होने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि बैंककर्मियों की मांगों और सरकार-बैंक प्रबंधन के अगले कदम पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।