वाराणसी कचहरी को तीन दिन में दूसरी बार बम से उडाने की धमकी
वाराणसी में जिला न्यायालय परिसर को तीन दिन के भीतर दूसरी बार बम से उडाने की धमकी मिलने से सुरक्षा एजेंसियों में सतर्कता बढ गई है। सोमवार सुबह करीब दस बजे जिला जज के आधिकारिक ईमेल पर फिर से जजों और अधिवक्ताओं के चेंबर को बम से उडाने की धमकी भेजी गई। सूचना मिलते ही कचहरी परिसर में पहले से चल रही सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया। अदालत खुलने से पहले ही कैंट थाना पुलिस ने बम निरोधक दस्ते और डाग स्क्वॉड के साथ पूरे परिसर की सघन तलाशी कराई। जांच के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई
धमकी की जानकारी मिलते ही पुलिस ने बिना किसी अफरातफरी के पूरे न्यायालय परिसर को सुरक्षित घेरे में लेकर जांच अभियान चलाया। प्रवेश और निकास बिंदुओं पर अतिरिक्त सुरक्षा प्वाइंट बनाए गए। हर आने जाने वाले की जांच की गई ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके। कैंट थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्रा समेत अन्य पुलिस कर्मियों ने मौके पर मौजूद रहकर सुरक्षा प्रबंधों की निगरानी की। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच पूरी तरह एहतियातन की गई और किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती गई।
पहले भी मिल चुकी है धमकी
इससे पहले 13 फरवरी को भी जिला जज के आधिकारिक ईमेल पर इसी तरह की धमकी मिली थी। उस समय भी कचहरी परिसर में व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया था और किसी तरह की आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई थी। लगातार दूसरी बार धमकी मिलने से अधिवक्ताओं कर्मचारियों और वादकारियों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है। न्यायालय परिसर में रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते जाते हैं ऐसे में सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढाना जरूरी माना जा रहा है।
एटीएस और साइबर सेल की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए एटीएस ने भी जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल ईमेल की तकनीकी जांच कर रही है ताकि धमकी भेजने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ईमेल के स्रोत और तकनीकी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि धमकी वास्तविक खतरे से जुड़ी है या फिर किसी शरारती तत्व की करतूत है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।
अधिवक्ताओं की सुरक्षा बढाने की मांग
कचहरी को बार बार मिल रही धमकियों के बाद अधिवक्ताओं की ओर से सुरक्षा व्यवस्था और सख्त करने की मांग उठी है। सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम प्रकाश सिंह गौतम ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और न्यायालय परिसर में स्थायी रूप से मजबूत सुरक्षा प्रबंध लागू करने की जरूरत बताई। उनका कहना है कि न्यायिक कार्य निर्बाध रूप से चलता रहे इसके लिए अधिवक्ताओं और आम लोगों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
पुलिस और प्रशासन का आधिकारिक बयान
डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार ने बताया कि कचहरी की सुरक्षा को लेकर सभी आवश्यक एहतियात बरती जा रही है। पुलिस की तैनाती बढाई गई है और संवेदनशील बिंदुओं पर निगरानी तेज कर दी गई है। उन्होंने अधिवक्ताओं और आम नागरिकों से अपील की कि यदि किसी प्रकार की संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए।
पृष्ठभूमि और सुरक्षा व्यवस्था का आकलन
वाराणसी का जिला न्यायालय एक व्यस्त न्यायिक परिसर है जहां प्रतिदिन हजारों लोग न्यायिक कार्यों के लिए पहुंचते हैं। बीते कुछ समय से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन द्वारा नियमित जांच अभियान चलाया जा रहा है। हालिया धमकियों के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि ईमेल के माध्यम से दी जा रही झूठी या संदिग्ध सूचनाएं भी कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी किसी भी धमकी से निपटने के लिए तकनीकी और भौतिक सुरक्षा दोनों स्तरों पर उपाय और मजबूत किए जाएंगे।
